मीशो फाउंडर विदित आत्रे अरबपतियों के क्लब में शामिल (सोर्स-सोशल मीडिया)  
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Meesho के फाउंडर Vidit Aatrey बने अरबपति: जानें IIT दिल्ली से 'बिलिनेयर' बनने तक का सफर

Meesho Founder Billionaire: मीशो के शेयरों में भारी उछाल के साथ को-फाउंडर विदित आत्रे अरबपतियों के क्लब में शामिल हो गए हैं। उनकी कुल नेटवर्थ अब लगभग 9,128 करोड़ रुपये ($1 बिलियन) के पार पहुंच गई है।

प्रिया सिंह

Vidit Aatrey Net Worth: भारत के प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म 'मीशो' (Meesho) के लिए 16 दिसंबर का दिन ऐतिहासिक रहा। कंपनी के शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने न केवल निवेशकों को मालामाल किया, बल्कि इसके को-फाउंडर विदित आत्रे को भी दुनिया के अरबपतियों की सूची में शामिल कर दिया। विदित आत्रे की सफलता की यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। मात्र 10 साल के भीतर उन्होंने एक छोटे से स्टार्टअप को शेयर बाजार का 'रॉकस्टार' बना दिया है।

शेयर बाजार में मीशो का धमाका

मंगलवार को कारोबारी सत्र के दौरान मीशो के शेयरों में 13 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गई, जिससे यह 193.50 रुपये के नए उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। खास बात यह है कि मीशो का स्टॉक अपने 111 रुपये के इश्यू प्राइस से लगभग 75 प्रतिशत ऊपर चढ़ चुका है। कंपनी के आईपीओ ने लिस्टिंग के समय ही 46 प्रतिशत का तगड़ा मुनाफा दिया था और तब से यह लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। इसी रैली ने विदित आत्रे की संपत्ति में भारी इजाफा किया है।

अरबपतियों के क्लब में एंट्री

विदित आत्रे के पास मीशो में लगभग 47.25 करोड़ शेयर हैं, जो कंपनी की कुल 11.1 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। उनके इन शेयरों की वैल्यू अब लगभग 9,128 करोड़ रुपये या $1 बिलियन हो गई है। उनके साथ ही को-फाउंडर संजीव बर्नवाल की हिस्सेदारी की कीमत भी अब करीब 6,099 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। मीशो आज मेटा, सॉफ्टबैंक और सिकोइया कैपिटल जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों की पसंदीदा कंपनी बन गई है, जो इसकी मजबूती को दर्शाता है।

कौन हैं विदित आत्रे?

विदित आत्रे वर्तमान में मीशो के चेयरमैन और सीईओ के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने आईआईटी (IIT) दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है। स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्होंने आईटीसी लिमिटेड और इनमोबी (InMobi) जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में काम किया था। साल 2015 में उन्होंने संजीव बर्नवाल के साथ मिलकर मीशो की नींव रखी थी। विदित की दूरदर्शिता ने ही मीशो को भारत का सबसे लोकप्रिय सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनाया है।

विफलता से मिली सफलता की रा

मीशो की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी। विदित और संजीव ने पहले 'Fashnear' नाम से एक हाइपरलोकल फैशन ऐप शुरू किया था, जो पूरी तरह फेल हो गया। इसके बाद उन्होंने डिजिटल स्टोरफ्रंट मॉडल आजमाया, लेकिन वहां भी बड़ी सफलता नहीं मिली।

असली बदलाव तब आया जब उन्होंने छोटे शहरों की गृहिणियों को व्हाट्सएप पर व्यापार करते देखा। इसी विचार से मीशो का जन्म हुआ, जो छोटे और होम-बेस्ड सेलर्स के लिए एक मार्केटप्लेस बन गया। आज यही मॉडल मीशो की सफलता का सबसे बड़ा आधार है।

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