यूनियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया का विलय होगा (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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जल्द होगा यूनियन बैंक और BOI का विलय...SBI से सीधी टक्कर, जानिए क्या होगा फायदा-नुकसान?

Merger Of Union Bank And Bank Of India: भारत सरकार यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया के विलय की योजना पर विचार कर रही है, जिससे देश का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बनेगा।

अक्षय साहू

Bank Of India-Union Bank Merger: भारत के बैंकिंग क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण पुनर्गठन की संभावना बन रही है, क्योंकि केंद्र सरकार यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया के विलय की योजना पर विचार कर रही है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यह संयुक्त बैंक भारत का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बनेगा, जो केवल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) से पीछे रहेगा।

दोनों बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया मुंबई में स्थित हैं। विलय के बाद  संयुक्त बैंक के ग्राहक संख्या लगभग 25.5 करोड़ होने का अनुमान है, जो एसबीआई के करीब है। इस विलय से न केवल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संरचना में बदलाव आएगा, बल्कि शाखा नेटवर्क और लाखों ग्राहकों के दैनिक बैंकिंग अनुभव में भी बदलाव होगा।

सरकारी बैंकिंग सुधारों का हिस्सा

यह कदम सरकारी बैंकिंग सुधारों का हिस्सा है, जिसमें बैंकों की परिचालन दक्षता में सुधार और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने की योजना है। यदि विलय संपन्न होता है, तो इस संयुक्त बैंक की कुल संपत्ति लगभग 15.67 लाख करोड़ रुपये होगी, जिससे यह देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक बन जाएगा। 2017 और 2020 के बीच सरकार ने कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय किया था, जिससे बैंकों की संख्या 27 से घटकर 12 हो गई। उदाहरण के तौर पर, 2019-20 में आंध्र बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक का विलय यूनियन बैंक में हुआ था, जिससे बैंक की ताकत और लचीलापन बढ़ा।

विलय से क्या होंगे फायदे?

विलय के बाद, बैंक की बैलेंस शीट मजबूत होगी, पूंजी दक्षता में सुधार होगा, और इसकी राष्ट्रीय तथा वैश्विक स्तर पर पहुंच में वृद्धि होगी। इसके अलावा, परिचालन में दोहराव कम होने और लागत में कटौती के कारण लाभप्रदता में भी सुधार की संभावना है। साथ ही, बैंक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों के साथ प्रभावी रूप से मुकाबला कर सकेगा।

यह प्रस्ताव शेयर बाजार पर भी प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि दोनों बैंक आकार और पहुंच में काफी बड़े हैं। इस विलय के संभावित असर से बैंकिंग शेयरों और निवेशकों की भावना पर असर पड़ सकता है।

इसके अलावा अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विलय की संभावना भी चर्चा में है। ग्राहकों के लिए, इस विलय का मतलब शाखाओं के युक्तिकरण, डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म और सेवाओं में बदलाव हो सकता है, हालांकि अधिकारियों ने ग्राहकों के हितों की सुरक्षा की बात की है।

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