अमेरिकी डॉलर क्यों है दुनिया की सबसे शक्तिशाली मुद्रा? (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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अमेरिकी डॉलर क्यों है दुनिया की सबसे शक्तिशाली करेंसी? जानें वैश्विक व्यापार में इसके दबदबे का राज

Dollar Dominance Story: अमेरिकी डॉलर का दुनिया पर दबदबा दूसरे विश्व युद्ध के बाद से शुरू हुआ। तेल व्यापार और वैश्विक भरोसे के कारण यह आज भी सबसे शक्तिशाली और विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बनी हुई है।

प्रिया सिंह

Why Dollar Is Global Currency: दूसरे विश्व युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय व्यापार को स्थिर करने के लिए एक ऐसी व्यवस्था बनाई गई जिसने डॉलर को केंद्र में रखा। आज यूरोप से लेकर एशिया और मिडिल ईस्ट तक हर बड़े सौदे और निवेश के लिए इस करेंसी की सबसे ज्यादा जरूरत महसूस होती है। वैश्विक डॉलर प्रभुत्व को समझना केवल अमेरिका की ताकत का असर नहीं है बल्कि इसके पीछे एक मजबूत वित्तीय प्रणाली काम करती है। विदेशी व्यापार और तेल की खरीद में डॉलर ग्लोबल करेंसी होने के कारणों को समझना हर निवेशक और आम नागरिक के लिए जरूरी है।

दबदबे की शुरुआत

दूसरे विश्व युद्ध के बाद जब ज्यादातर देश गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे थे तब अमेरिका बहुत मजबूत स्थिति में था। उसी दौरान वैश्विक व्यापार को स्थिरता देने के लिए डॉलर को केंद्र में रखकर एक नई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का निर्माण किया गया। शुरुआत में डॉलर को सोने से जोड़ा गया था जिससे दुनिया भर के देशों का इस मुद्रा पर अटूट भरोसा और ज्यादा बढ़ गया।

सुरक्षित निवेश का विकल्प

आज दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देते हैं क्योंकि यह काफी सुरक्षित है। संकट के समय में डॉलर सबसे आसानी से इस्तेमाल होने वाली करेंसी साबित होती है इसलिए इसे वैश्विक स्तर पर सुरक्षित माना जाता है। समय के साथ कर्ज और व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी मुद्रा में होने के कारण यह अब पूरी दुनिया की एक आदत बन चुकी है।

फेडरल रिजर्व की भूमिका

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के फैसलों का असर पूरी दुनिया के बाजारों और विकासशील देशों की मुद्राओं पर सीधे पड़ता है। जब भी अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ती हैं तो निवेशक वहां पैसा लगाना ज्यादा सुरक्षित समझते हैं जिससे डॉलर और ज्यादा मजबूत होता है। फेडरल रिजर्व का एक छोटा सा बदलाव भी वैश्विक वित्तीय स्थिरता को प्रभावित करने की क्षमता रखता है जिस पर सबकी नजर रहती है।

तेल और डॉलर का रिश्ता

डॉलर की मजबूती का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाला कच्चे तेल का विशाल व्यापार है। दुनिया का कोई भी देश हो उसे तेल खरीदने के लिए डॉलर की जरूरत पड़ती है क्योंकि तेल का भुगतान इसी मुद्रा में होता है। इस खास सिस्टम ने डॉलर की वैश्विक मांग को हमेशा बनाए रखा है और इसे किसी भी बड़े आर्थिक संकट में कमजोर होने से बचाया है।

भरोसा ही सबसे बड़ी ताकत

विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की असली शक्ति वहां के स्थिर सिस्टम और दशकों से बने वैश्विक भरोसे के कारण टिकी हुई है। हालांकि हाल के वर्षों में कई देश वैकल्पिक पेमेंट सिस्टम की बात कर रहे हैं लेकिन फिलहाल डॉलर का कोई मजबूत विकल्प नहीं है। वैश्विक व्यापार और निवेश में आज भी डॉलर की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है जिसे वर्तमान व्यवस्था से हटाना बिल्कुल भी आसान नहीं है।

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