सेंसेक्स 72,370.16 और निफ्टी 22,523.65 के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंचा।
IT और रियल्टी सूचकांकों में करीब 2 प्रतिशत तक की तेजी, जबकि स्मॉलकैप में 0.8 प्रतिशत की गिरावट रही।
निफ्टी के लिए 22,435 का स्तर अहम; इसके नीचे कमजोरी बढ़ने पर 22,070–21,900 का दायरा महत्वपूर्ण हो सकता है।
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती सपाट कारोबार के बाद तेजी देखने को मिली। आईटी और रियल्टी शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी ने दिन का ऊंचा स्तर छुआ।
हालांकि, हेल्थकेयर और फार्मा शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। विदेशी निवेशकों की बिकवाली, महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों के बीच बाजार की आगे की दिशा को लेकर निवेशकों की नजर अहम तकनीकी स्तरों और वैश्विक संकेतों पर टिकी है।
मंगलवार को कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 27.05 अंक यानी 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71,951.73 पर खुला। वहीं, निफ्टी 0.80 अंक की मामूली तेजी के साथ 22,364.15 पर कारोबार शुरू करने में सफल रहा। शुरुआती कारोबार के बाद दोनों प्रमुख सूचकांकों में तेजी बढ़ी और बाजार में खरीदारी का रुझान दिखाई दिया।
सेक्टोरल कारोबार में निफ्टी आईटी, निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम और निफ्टी रियल्टी सबसे मजबूत क्षेत्रों में शामिल रहे। इन सूचकांकों में करीब 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.31 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 0.22 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.20 प्रतिशत की तेजी रही।
बाजार में तेजी के बावजूद सभी सेक्टरों में खरीदारी नहीं दिखी। निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर, निफ्टी 500 हेल्थकेयर, निफ्टी फार्मा और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांकों में 0.75 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 0.3 प्रतिशत मजबूत रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.8 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, नकद बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी का रुझान जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.2 प्रतिशत से ऊपर रहने पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव बना रह सकता है। दूसरी ओर, सितंबर में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 38,307 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध निवेश घरेलू निवेशकों को बाजार में खरीदारी के लिए समर्थन दे सकता है।
विशेषज्ञों ने 5.54 प्रतिशत सीपीआई महंगाई, 7.74 प्रतिशत खाद्य महंगाई और 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर ब्रेंट क्रूड की कीमतों को लेकर चिंता जताई है।
दिए गए बाजार आकलन के अनुसार, इन परिस्थितियों में दिसंबर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की संभावना पर चर्चा तेज हो सकती है। ब्याज दरों में बदलाव का असर बैंकिंग सेक्टर के मार्जिन और बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, बाजार की रिकवरी में कुछ कमजोरी दिख रही है, लेकिन सोमवार की गिरावट हालिया निचले स्तर को तोड़े बिना थम गई। इससे निकट अवधि में उछाल की संभावना बनी हुई है।
विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी को मजबूती बनाए रखने के लिए 22,435 के ऊपर टिकना अहम होगा। ऐसा नहीं होने पर सूचकांक 22,070 से 21,900 के दायरे की ओर फिसल सकता है।
एशियाई बाजारों में तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले एआई से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव के बीच कमजोरी देखी गई। अमेरिकी बाजार में सोमवार को नैस्डैक गिरावट के साथ बंद हुआ।
वहीं, सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे पर हमले के बाद तेल कीमतों में उछाल आया। निवेशकों की नजर अब बैंकिंग कंपनियों के तिमाही नतीजों और इस सप्ताह जारी होने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों पर है।