Highlights:
सेंसेक्स 800 अंक चढ़कर 74,650 के स्तर पर पहुंचा।
निफ्टी 50 अंक की बढ़त के साथ 23,112 पर कारोबार करता दिखा।
निफ्टी आईटी में 1.96 प्रतिशत और निफ्टी बैंक में 0.29 प्रतिशत की तेजी रही।
Aaj Ka Share Bazar: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत तेजी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान में नजर आए। सेंसेक्स 800 अंक चढ़कर 74,650 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 छलांग लगा के 23,112 पर कारोबार करता दिखा।
बाजार में आई तेजी के पीछे आईटी और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी अहम रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स में उछाल देखने को मिली। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आगे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
बुधवार को बाजार खुलते ही प्रमुख सूचकांकों में मजबूती देखने को मिली। सेंसेक्स 800 से अधिक अंक के बढ़त के साथ 74, 650 के पार पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 में 223 अंक की तेजी 23, 112 के स्तर पर पहुंच गया है।
शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने खास तौर पर आईटी और बैंकिंग शेयरों में दिलचस्पी दिखाई। इसके चलते इन सेक्टरों के प्रमुख इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई।
आईटी शेयरों में खरीदारी के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स में अच्छी तेजी देखने को मिली। यह 618.45 अंक यानी 1.96 प्रतिशत उछलकर 32,134.75 के स्तर पर पहुंच गया।
बैंकिंग शेयरों में भी मजबूती रही। निफ्टी बैंक इंडेक्स 162.55 अंक यानी 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 55,650.65 पर कारोबार करता दिखा। शुरुआती कारोबार में इन दोनों सेक्टरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया।
बाजार खुलने से पहले GIFT निफ्टी के संकेत भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक शुरुआत की ओर इशारा कर रहे थे। चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च वाइस प्रेसिडेंट सचिन गुप्ता के मुताबिक, GIFT निफ्टी करीब 75 अंक की बढ़त के साथ 23,009 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि बाजार में रिकवरी कितनी मजबूत रहती है, यह कई कारकों पर निर्भर करेगा। इनमें वैश्विक बाजारों का रुख, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी व घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी FII और DII के निवेश का प्रवाह शामिल हैं।
मुद्रा बाजार में, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे बढ़कर 94.78 पर खुला, जबकि पिछले दिन यह 94.93 के स्तर पर बंद हुआ था। वैश्विक स्तर पर, एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई, जिसमें दक्षिण कोरियाई शेयरों ने सबसे आगे बढ़कर बढ़त दर्ज की।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा माहौल में सभी शेयरों में एक जैसी तेजी देखने के बजाय कंपनियों के प्रदर्शन के आधार पर उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसे 'स्टॉक पिकर्स मार्केट' कहा जाता है, जहां निवेशकों का ध्यान उन कंपनियों पर रहता है जिनके कारोबारी नतीजे और बुनियादी स्थिति बेहतर होती है।
आगे बाजार की चाल पर तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और संस्थागत निवेशकों के फंड फ्लो का असर बना रह सकता है। इसलिए शुरुआती तेजी के बावजूद निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और कंपनियों के प्रदर्शन पर रहेगी।