जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ (सोर्स- AI जेनरेटेड इमेज)
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Jio IPO: निवेशकों के लिए बड़ा मौका! रिलायंस जियो ला रहा देश का सबसे बड़ा आईपीओ, जानें पूरी डिटेल

Jio Platforms IPO: मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने रिलायंस जियो के आईपीओ को हरी झंड़ी दिखा दी है। कंपनी कुल 37,700 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने जा रही है, जो कि घरेलू बाजार का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।

मनोज आर्या

Jio Platforms IPO Latest Update: मुकेश अंबानी की नेतृत्व वाली रिलायंस इंड्रस्ट्रीज की सहायक कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के आईपीओ की घोषणा के बाद से ही निवेशक इस पर अपनी नजरें बनाए हुए हैं। अब कंपनी की आईपीओ का रास्ता साफ हो चुका है। दरअसल, मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने रिलायंस जियो के आईपीओ को हरी झंड़ी दिखा दी है। कंपनी कुल 37,700 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने जा रही है, जो कि घरेलू बाजार का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।

मार्केट रेग्युलेट सेबी के मुताबिक, 28 अगस्त को जियो प्लेटफॉर्म्स को उसने अपना अंतिम फैसला सुनाया और कंपनी द्वारा जून में दिए गए आईपीओ के प्रस्ताव पेश करने के लगभग दो महीने बाद इसको मंजूरी दे दिया।

भारत का सबसे बड़ा IPO होगा जियो

अगर इस आईपीओ का साइज समान रहा, तो यह भारत के सबसे बड़े आईपीओ में से एक बन सकता है। करीब 3 अरब डॉलर के संभावित इश्यू साइज के साथ, जियो का आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया के सार्वजनिक निर्गम को पीछे छोड़ते हुए भारत का सबसे बड़ा आईपीओ बन सकता है। करीब 37,700 करोड़ रुपये का प्रस्तावित आईपीओ, हुंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ से काफी बड़ा होगा, जो वर्तमान में भारत का सबसे बड़ा आईपीओ है। इस तरह कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 9.5 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है।

हालांकि, जियो आईपीओ का फाइनल साइज इसके स्ट्रक्चर के समय फाइनल प्राइस पर निर्भर करेगा। कंपनी ने कुल 27 करोड़ शेयर जारी करने का प्रस्ताव रखा है, जो ऑफर-फॉर-सेल (OFS) नहीं होगा। यानी, अगर मौजूदा शेयरधारक आईपीओ के तहत अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचते हैं, तो आईपीओ पूरी तर से नया इश्यू होगा।

JIO प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस की हिस्सेदारी

रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने डिजिटल और टेलेकम्युनिकेशन बिजनेस से मुनाफा बनाने की योजना के तहत आईपीओ लाने जा रही है। प्रस्तावित आईपीओ से पहले, रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43% हिस्सेदारी थी, जबकि मेटा प्लेटफॉर्म्स और गूगल की क्रमश: 9.98% और 7.73% हिस्सेदारी थी। अन्य प्रमुख निवेशकों में सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (2.31%), केकेआर (2.31%), विस्टा इक्विटी पार्टनर्स (2.31%), सिल्वर लेक (1.88%) और मुबाडाला (1.85%) शामिल हैं।

एसईबीआई की मंजूरी के बाद, जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ प्रक्रिया के अगले चरणों में प्रवेश करेगी। इसमें अंतिम ऑफर डॉक्यूमेंट दाखिल करना, मूल्य सीमा तय करना और आईपीओ के समय की घोषणा करना शामिल होगा।

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