SEBI Action On Pump And Dump Stock: मार्केट रेग्युलेटर सेबी ने पांच शेयरों में की गई हेरफेर और गड़बड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बाजार नियामक ने निवेशक हनीफ शेख समेत 221 संस्थाओं को दो से सात साल तक के लिए सिक्योरिटी मार्केट में ट्रेड करने पर बैन लगा दिया है। सेबी ने हनीफ शेख पर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 2017 से लेकस 2020 तक पांच शेयरों में बड़े पैमाने पर हुई हेरफेर को लेकर यह कार्रवाई की गई है।
मंगलवार को सेबी की ओर से जारी फाइनल ऑर्डर के अनुसार, हनीफ शेख को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया गया है। शेयरों के इस हेरफेर के काम में उससे जुड़ी कंपनियों का भी रोल है। जिन कंपनियों के शेयरों में गड़बड़ी की हई है उनमें मॉरिया उद्योग लिमिटेड, 7NR रिटेल, दार्जिलिंग रोपवे कंपनी, GBL इंडस्ट्रीज और विशाल फैब्रिक्स लिमिटेड के शेयर शामिल हैं।
मार्केट रेग्युलेटर द्वारा 394 पन्ने के जारी आदेश में कहा गया है कि शेख ने एक धोखाधड़ी की पूरी प्लानिंग तैयार की थी। इस फ्रॉड स्कीम में 200 से ज्यादा संस्थाएं शामिल थीं। ये संस्थाएं 'PV इन्फ्लुएंसर', 'कोलेबोरेटर' या ऑफलोडर के तौर पर काम करती थीं और गौर-कानूनी तरीके से कमाए गए पैसे को कंपनियों के प्रमोटरों या शेख के नियंत्रण वाली इकाइयों तक पहुंचाती थीं।
सेबी ने अपने आदेश में इन पांच कंपनियों के शेयरों की प्राइस और उनमें होने वाली ट्रेडिंग को आर्टिफिशियल तरीके से बढ़ाया गया बताया है। इस पूरी फ्रॉड स्कीम में कुछ लोगों ने पहले आपस में मिलकर प्लानिंग के तहत शेयरों की ट्रेडिंग की, ताकी बाजार को यह संदेश दिया जा सके कि इन शेयरों की ज्यादा डिमांड है। इसके अलावा शेयर बाजार के आम निवेशकों को SMS भेजकर इन शेयरों को खरीदने का सुझाव दिया गया।
आम निवेशकों की खरीदारी के बाद जब इन शेयरों की मांग बढ़ी तो शेयर के दाम बढ़ गए। इस 'पंप और डंप' स्कीम के जरिए उन्होंने का काफी अवैध पैसा बनाया। इन पैसों को छिपाने के लिए कई माध्यम (Conduit Entities) का इस्तेमाल किया गया, ताकि ये छिपाया जा सके कि आखिरी में पैसा कहां पहुंचा।
मार्केट रेग्युलेटर के फुलटाइम मेंबर अमरजीत सिंह ने अपने आदेश में कहा शेयरों में हेराफेरी का मामला यह कोई नया नहीं, लेकिन इसे बेहद ही सिस्टमैटिक और इंडस्ट्रीयल लेवल पर अंजाम दिया गया। 226 संस्थानों ने पांच अलग-अलग शेयरों में अपनी-अपनी प्लानिंक के तहत इस पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। पैसों के ट्रांसफर प्रक्रिया को इतना लंबा बनाया गया, ताकि यह पता नहीं लगाया जा सके कि आखिरी में पैसा कहां पुहंच रहा है। सिक्योरिटीज मार्केट में हो रही इस तरह की घटनाएं आम निवेशकों के भरोसे और शेयर बाजार की पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
इस मामले को सामने आते ही सेबी ने हनीफ शेख को सिक्योरिटी मार्केट में निवेश सात साल के लिए बैन कर दिया है और उसपर 10 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा शेख से जुड़ी सभी कंपनियों पर भी छह साल का प्रतिबंध और हर एक कंपनी पर 2 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई है। इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी पांच साल तक बाजार से दूरी रहने का आदेश दिया है। अन्य आरोपियों पर भी 5 लाख से एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है।
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मार्केट रेग्युलेटर ने कहा है कि 'पंप एंड डंप' के इस स्कैम से करीब 143.79 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई है। सेबी ने सभी संबंधित संस्थाओं को 143.79 रुपये की अवैध कमाई और उसपर 12 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया है। वहीं, ब्याज का कैलकुलेशन 21 अक्टूबर 2020 से पेमेंट की तारीख तक की जाएगी। इससे पहले जून 2023 में सेबी ने अंतरिम आदेश जारी कर हनीफ शेख और 225 अन्य संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और उन्हें बैन कर दिया गया था।