कॉन्सेप्ट फोटो, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बिज़नेस

SBI फंड्स मैनेजमेंट के शेयर 7% प्रीमियम पर लिस्ट, अलॉटमेंट बेचें या होल्ड करें? जानिए एक्सपर्ट की राय

SBI Funds Management Share: एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड की शानदार लिस्टिंग हुई है। BSE में यह स्टॉक 6.27% के प्रीमियम के साथ 610 रुपये और NSE में 6.85% के प्रीमियम के साथ 613.30 रुपये लिस्ट हुआ है।

मनोज आर्या

SBI Funds Management Share Listing: एसबीआई फंड्स के शेयर मंगलवार को एक्सचेंज पर इसके इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) प्राइस से 7 प्रतिशत के प्रीमियम पर लिस्ट हुए। इससे पहले 14 से 16 जुलाई के बीच प्राइमरी मार्केट में इस इश्यू को 41.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। SBI फंड्स मैनेजमेंट के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 6.85 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ 613.30 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए। 9,812.91 करोड़ रुपये के इश्यू का प्राइस बैंड 545-574 प्रति इक्विटी शेयर था।

वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर 6.27 प्रतिशत के प्रीमियम के साथ 610 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुए। शेयरों की लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1,24,246.48 करोड़ रुपये रहा। ग्रे मार्केट में SBI फंड्स का मार्केट डेब्यू उम्मीद से कम रहा, जिसमें लगभग 16 प्रतिशत की प्रीमियम लिस्टिंग की उम्मीद थी।

SBI फंड्स मैनेजमेंट शेयर की लिस्टिंग आज

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट में वेल्थ हेड शिवानी न्याती ने कहा कि ठीक-ठाक लिस्टिंग के बावजूद, एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में कंपनी की लीडरशिप, SBI के सपोर्ट वाले मजबूत ब्रांड, बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, स्केलेबल एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल और साथियों की तुलना में काफी आरामदायक वैल्यूएशन की वजह से लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट स्टोरी मजबूत बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि जिन निवेशकों को IPO अलॉटमेंट मिला है, वे लॉन्ग-टर्म नजरिए से स्टॉक को होल्ड कर सकते हैं, जबकि नए निवेशक गिरावट पर इसे जमा करने पर विचार कर सकते हैं।

शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए, 585–590 रुपये के आसपास स्टॉप-लॉस बनाए रखा जा सकता है। कुल मिलाकर, आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है और यह स्टॉक उन लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए सही है जो भारत में बढ़ती म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री से फायदा उठाना चाहते हैं।

एंकर इन्वेस्टर्स से मिले 2,663 करोड़ रुपये

1987 में बनी SBI फंड्स मैनेजमेंट, तिमाही औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी है, जिसके म्यूचुअल फंड में 12.51 लाख करोड़ रुपये हैं और 31 मार्च, 2026 तक इसका मार्केट शेयर 15.3 प्रतिशत है। ऐसे में आज बाजार में शेयर की लिस्टिंग के बाद निवेशकों में खरीदारी की होड़ देखने को मिल सकती है।

ब्रांड इमेज बनाने पर कंपनी का फोकस

SBI म्यूचुअल फंड ने अपने रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में कहा कि हमारी कंपनी को उम्मीद है कि इक्विटी शेयरों की लिस्टिंग से हमारी विजिबिलिटी और ब्रांड इमेज बढ़ेगी। इसके साथ ही भारत में इक्विटी शेयरों के लिए एक पब्लिक मार्केट भी मिलेगा। 9,812.91 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू पूरी तरह से प्रमोटर्स स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और अमुंडी इंडिया होल्डिंग द्वारा 17.09 करोड़ शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) था।

https://youtu.be/zxs76kWYCwE?si=KcRf_95zHOZ16yUM

हेमंत कैबिनेट के 53 बड़े फैसले: 100 उत्कृष्ट स्कूल, 606 थानों में CCTV, मेडिकल कॉलेजों को करोड़ों की सौगात

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, महाराष्ट्र में समंदर के नीचे से पहाड़ों तक, एक साथ चल रहा काम

FREMAA Recruitment 2026: IT असिस्टेंट समेत 12 पदों पर भर्ती, 40,000 तक सैलरी; 6 सितंबर तक करें आवेदन

आंध्र प्रदेश में खौफनाक वारदात, श्रीशैलम के लॉज में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत; 3 दिन से बंद था कमरा

क्या राजनीति छोड़ रहे हैं नितिन गडकरी? संन्यास की अटकलों पर केंद्रीय मंत्री ने तोड़ी चुप्पी, जानिए पूरा सच