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Post Office vs Bank FD: 5 साल के निवेश पर कहां मिलेगा बंपर मुनाफा? ब्याज दरें देखकर करें फैसला

Fixed Deposit Returns: रेपो रेट कट के बाद बैंकों ने FD पर ब्याज घटाया है, जबकि पोस्ट ऑफिस 5 साल की स्कीम पर 7.5% ब्याज दे रहा है। टैक्स बचत और ज्यादा मुनाफे के लिए पोस्ट ऑफिस निवेश का बेहतर विकल्प है।

प्रिया सिंह

Best 5 Year FD Interest Rates 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा इस वर्ष रेपो रेट में 1.25% की बड़ी कटौती के बाद निवेश का बाजार पूरी तरह बदल चुका है। जहां प्रमुख सरकारी और निजी बैंकों ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दरों को घटाकर 5% से 7% के बीच कर दिया है, वहीं पोस्ट ऑफिस अब भी मजबूती से खड़ा है।

सुरक्षित भविष्य और गारंटीड रिटर्न की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए पोस्ट ऑफिस की टाइम डिपॉजिट (TD) स्कीम सबसे आकर्षक विकल्प बनकर उभरी है। आइए जानते हैं कि 5 साल की अवधि के लिए आपका पैसा कहां सबसे तेजी से बढ़ेगा और टैक्स बचाने में मददगार साबित होगा।

रेपो रेट कट का बैंकों पर असर

रेपो रेट कम होते ही बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में कैंची चलाना शुरू कर दिया है, जिससे निवेशकों को मिलने वाला मुनाफा कम हुआ है। अधिकतर बड़े निजी बैंक 5 साल की FD पर अधिकतम 7% तक का ब्याज ऑफर कर रहे हैं। वहीं सरकारी बैंकों की स्थिति और भी खराब है, जहां ब्याज दरें 5% से 6.40% के बीच सिमट गई हैं।

पोस्ट ऑफिस की दमदार 7.5% ब्याज दर

पोस्ट ऑफिस की 5 साल वाली टाइम डिपॉजिट स्कीम वर्तमान में 7.5% का वार्षिक ब्याज दे रही है जो बैंकों की तुलना में काफी ज्यादा है। इसकी सबसे बड़ी खूबी तिमाही कम्पाउंडिंग है, जो मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम को काफी बढ़ा देती है। साथ ही, इसमें निवेश करने पर आपको इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ भी मिलता है।

निवेश और कमाई का पूरा गणित

अगर आप पोस्ट ऑफिस में 1,00,000 रुपये का निवेश करते हैं, तो 5 साल बाद आपको 1,44,995 रुपये मिलेंगे, जबकि बैंक में यह राशि अधिकतम 1,41,478 रुपये तक ही सीमित रहेगी। 10 लाख रुपये के बड़े निवेश पर पोस्ट ऑफिस आपको 14,49,948 रूपये की मैच्योरिटी देता है। यह अंतर दिखाता है कि लंबी अवधि के लिए पोस्ट ऑफिस बैंकों की तुलना में हजारों रुपये का अतिरिक्त लाभ दे रहा है।

निजी और सरकारी बैंकों के हाल

निजी बैंकों में आईडीएफसी फर्स्ट और डीसीबी बैंक जैसे कुछ नाम 7% ब्याज दे रहे हैं, लेकिन HDFC और ICICI जैसे दिग्गज 6.40% से 6.60% तक ही सीमित हैं। सरकारी बैंकों में SBI 6.05% और PNB 6.25% का ब्याज दे रहे हैं। सीनियर सिटीजन के लिए बैंक जरूर 0.50% अतिरिक्त ब्याज देते हैं, फिर भी वे पोस्ट ऑफिस के मुकाबले पीछे नजर आते हैं।

अंतिम फैसला और सही समय

वित्त मंत्रालय हर तीन महीने में पोस्ट ऑफिस की दरों की समीक्षा करता है और अगली समीक्षा 31 दिसंबर के करीब होनी है। ऐसे में 7.5% की ऊंची ब्याज दर को लॉक करने के लिए निवेशकों के पास साल के आखिरी कुछ दिन ही बचे हैं। अगर आप जोखिम मुक्त निवेश के साथ अधिकतम रिटर्न और टैक्स बचत चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस एक बेहतरीन सौदा साबित होगा।

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