पीयूष गोयल (सौजन्य : सोशल मीडिया) 
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पीयूष गोयल ने अगले बजट सत्र में जन विश्वास विधेयक 2.0 लेकर आने की बात कही

जन विश्वास कानून के 42 अधिनियमों के 183 प्रावधानों में संशोधन के जरिये छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल लागू किया गया था। हितधारकों ने उन क्षेत्रों पर अच्छे विचार प्रस्तुत किए हैं, जहां वे सुरक्षा तथा राष्ट्रीय हित से समझौता किए बिना अपराधमुक्त बनना चाहते हैं।

अपूर्वा नायक

नई दिल्ली : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जन विश्वास विधेयक 2.0 के बारे में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बयान दिया है कि उनका मंत्रालय इस विधेयक को लेकर योजना बनाने की तैयारी कर रहा है। इस विधेयक के बारे में ये कहा जा रहा है कि आगामी बजट सत्र में संसद में पेश करने की उम्मीद की जा रही है। पीयूष गोयल ने भी कहा है कि छोटे अपराधों को और ज्यादा अपराध-मुक्त बनाने के लिए हितधारकों और अन्य विभागों से सुझाव भी मिले हैं।

जन विश्वास कानून के 42 अधिनियमों के 183 प्रावधानों में संशोधन के जरिये छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए पिछले साल लागू किया गया था। अब मंत्रालय ‘जन विश्वास विधेयक 2.0' पर काम कर रहा है और इसके लिए हितधारकों के साथ बातचीत जारी है। गोयल ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘ हमें अभी तक काफी अच्छी प्रतिक्रियाएं मिली हैं। कई विभाग अपने मंत्रालयों के तहत कानूनों को अपराधमुक्त करने के लिए सक्रिय सुझाव लेकर सामने आए हैं। हितधारकों ने उन क्षेत्रों पर अच्छे विचार प्रस्तुत किए हैं, जहां वे सुरक्षा तथा राष्ट्रीय हित से समझौता किए बिना अपराधमुक्त बनना चाहते हैं।''

विचार विमर्श के लिए समय की आवश्यकता

संसद के शीतकालीन सत्र में ‘जन विश्वास विधेयक 2.0' को पेश किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि विचार-विमर्श के लिए अधिक समय की आवश्यकता होगी, ‘‘इसलिए बजट सत्र में इसे पेश किया जा सकता है।''

एफडीआई को बढ़ावा

उन्होंने कहा कि इस अधिनियम को छोटे अपराधों को अपराधमुक्त करने के एक प्रगतिशील उपाय के रूप में व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है। इसने सरकार को ‘जन विश्वास विधेयक 2.0' के जरिये अपराधमुक्त बनाने के एक और दौर के लिए हितधारकों के साथ साझेदारी में काम करने को प्रोत्साहित किया है। गोयल ने यह भी कहा कि देश के कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए इन कदमों से देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई को बढ़ावा देने में मदद मिल रही है।

आकर्षक एफडीआई गंतव्य

उन्होंने कहा, ‘‘ भारत बेहद आकर्षक एफडीआई गंतव्य है, सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है और इसके साथ ही भारत की बढ़ती आकांक्षाएं निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में एफडीआई बढ़ाने में मदद करेंगी।''

अच्छे निवेश के कारण

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सेवा, कंप्यूटर, दूरसंचार और औषधि क्षेत्रों में अच्छे निवेश के कारण चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून अवधि में भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई 47.8 प्रतिशत बढ़कर 16.17 अरब डॉलर हो गया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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