प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, (फाइल फोटो) 
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अब बिना गारंटी मिलेगा ₹20 लाख का लोन, मोदी सरकार ने इन लोगों को दिया बड़ा तोहफा; देखें पूरी डिटेल

PMMY: सरकार की ओर से दावा किया गया है कि मुद्रा लोन के जरिए पिछले कुछ सालों में 13.5 करोड़ लोग गरीबी से निकलकर नए मीडिल क्लास में शामिल हुए हैं। आपके लिए भी यह योजना काफी लाभदायक साबित हो सकती है।

मनोज आर्या

Prdhan Mantri Mudra Yojana (PMMY): भारत में आज भी कई ऐसे लोग हैं, जो किसी बिजनेस पर काम करना चाहते हैं। हालांकि, आर्थिक समस्याएं उनके जीवन में रुकावट बनकर आ जाती हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि सरकार ऐसे लोगों के लिए कई तरह की अलग-अलग स्कीम चला रही है, जिसके तहत आपको सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं बल्कि आपके कारोबार को नई उड़ान देने में हर स्तर पर आपके साथ है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना भी ऐसे ही स्कीम में से एक है। आइए विस्तार से इसके बारे में सबकुछ जानते हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 8 अप्रैल, 2015 को 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' की शुरूआत की थी। इस योजना का मुख्य उदेश्य छोटे कारोबारियों, स्वरोजगार से जुड़े लोगों और मध्यम वर्ग के कारोबारियों को बिना गारंटी लोन उपलब्ध करना है। सरकार का मानना है कि यह योजना मीडिल क्लास को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

योजना के लिए Mudra संस्था का गठन

इस योजना के तहत मुद्रा (Micro Units Development and Refinance Agency Ltd.) नामक एक संस्था बनाई गई है, जो बैंकों, माइक्रो फाइनेंस संस्थानों और अन्य वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से देश के जरूरतमंद लोगों को लोन उपलब्ध कराती है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिए जाने वाले लोन को चार अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है।

  • शिशु (Shishu)- ₹50,000 तक का लोन
  • किशोर (Kishor)- ₹50,001 से ₹5 लाख तक का लोन
  • तरुण (Tarun)- ₹5 लाख से ₹10 लाख तक का लोन
  • तरुण प्लस (Tarun Plus)- ₹10 लाख- ₹20 लाख  (नई कैटेगरी)

मुद्रा योजना में सरकार का नया बदलाव

गौरतलब है कि हाल ही में केंद्र सरकार ने मुद्रा योजना में बड़ा बदलाव किया है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत पहले से लोन ले चुके योग्य लोगों के लिए लिए लिमिट बढ़ाकर ₹20 लाख रुपये तक कर दी गई है। सरकार के इस कदम का सीधा फायदा उन छोटे कारोबारियों को मिलेगा जो पहले ही समय से अपना लोन चुकता कर चुके हैं और अब अपने बिजनेस को विस्तार देना चाहते हैं।

मुद्रा योजना के तहत लोन पर ब्याज दर कितना?

सरकार की ओर से दावा किया गया है कि मुद्रा लोन के जरिए पिछले कुछ सालों में 13.5 करोड़ लोग गरीबी से निकलकर नए मीडिल क्लास में शामिल हुए हैं। छोटे उद्योग और स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने से रोजगार के अवसर भी पैदा हुए हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत ब्याज दर एक जैसे फिक्स नहीं, बल्कि यह बैंक आपके लोन प्रोफाइल के हिसाब से तय होता है।

मुद्रा योजना के तहत लोन की प्रकिया और शर्तें

  1. पात्रता: नए या पुराने उद्यमी, खासकर जिन्होंने 'तरुण' का बकाया लोन पे कर दिया हो- वह 'तरुण प्लस' के लिए अप्लाई कर सकता है।
  2. प्रक्रिया: लोन के लिए सरकारी या प्राइवेट किसी भी बैंक के ब्रांच, NBFCs, MFIs से अप्लाई कर सकते हैं।
  3. जरूरी दस्तावेज: पहचान (आधार, पैन), बिजनेस की जानकारी और प्रोजेक्ट रिपोर्ट, नई बिजनेस शुरू करने वाले के लिए) जरूरी होती है।
  4. गारंटी कवरेज: CGFMU की गारंटी सुविधा है, जिससे व्यापारी बगैर जमानत (कोलेटरल) के लोन ले सकते हैं।

मुद्रा लोन से जुड़ी अहम बातें

  • ब्याज दर बैंक की नीति, आपकी क्रेडिट हिस्ट्री (CIBIL स्कोर), और बिजनेस रिस्क पर भी निर्भर करती है।
  • कई बैंक महिला उद्यमियों को 0.25% से 0.50% तक ब्याज में छूट देते हैं।
  • लोने के साथ बैंक प्रोसेसिंग फीस भी ले सकते हैं ( लेकिन अधिकांश मामलों में यह बहुत कम या फ्री होती है)।

मुद्रा योजना के तहत अब तक कितने लोगों को लोन मिला?

वित्त मंत्रालय के अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अब तुक कुल 51-51 करोड़ लोगों को लगभग ₹32.36–₹32.61 लाख करोड़ रुपये का लोन मुहैया कराया जा चुका है। इस योजना की मदद से देश के युवा और छोटे और मध्य वर्ग के कारोबारियों को काफी राहत मिल रही है। अगर आप भी किसी बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं तो यह योजना आपके के लिए बेहतर साबित हो सकती है।

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