प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया 
बिज़नेस

भारतीय शेयर बाजार में बंपर ओपनिंग, सेंसेक्स 84,869 और निफ्टी 25,897 पर; ऑटो और आईटी में खरीदारी

BSE Today: भारतीय बेंचमार्क सूचकांक बुधवार को हरे निशान में खुले। सेंसेक्स 84,869.59 और निफ्टी 25,897.20 के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। शुरुआती दौर में आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर में खरीदारी देखी गई।

प्रतीक पाण्डेय

Share Market Today Update: बुधवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में खुले, जिससे बाजार में शुरुआती तेजी दिखी। सुबह 9:30 बजे सेंसेक्स 0.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,869.59 स्तर पर, जबकि निफ्टी 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,897.20 स्तर पर कारोबार कर रहा था।

भारतीय बेंचमार्क सूचकांक बुधवार को बढ़त के साथ खुले। सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर, प्रमुख सूचकांकों में सेंसेक्स 203.31 अंक या 0.24 प्रतिशत की बढ़त के बाद 84,869.59 स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 57.55 अंक या 0.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,897.20 स्तर पर बना हुआ था।

निफ्टी बैंक में भी बढ़त

निफ्टी बैंक में भी 98.85 अंक या 0.17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो 59,321.20 स्तर पर कारोबार कर रहा था। ब्रॉडर मार्केट (व्यापक बाजार) में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 123.75 अंक या 0.21 प्रतिशत की बढ़त के बाद 59,799.95 स्तर पर था। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.08 प्रतिशत की मामूली तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में निफ्टी ऑटो, आईटी, एफएमसीजी और मेटल सेक्टर में मजबूत खरीदारी देखी जा रही थी। सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, टाटा स्टील, ट्रेंट, अदाणी पोर्ट्स, टीएमपीवी, एचसीएल टेक और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप गेनर्स थे। दूसरी ओर, बजाज फ़ाइनेंस, भारती एयरटेल, टाइटन, इटरनल और सनफार्मा टॉप लूजर्स थे।

बाजार में उच्च वैल्यूएशन और एफआईआई की निराशाजनक बिकवाली

बाजार के जानकारों ने टिप्पणी की है कि साल खत्म होने के करीब मार्केट का स्ट्रक्चर मुश्किल होता जा रहा है। उनका मानना है कि ब्रॉडर मार्केट में भारी बिकवाली देखी जा रही है, क्योंकि वैल्यूएशन बहुत अधिक हो गया है। विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि ये ऊंचे वैल्यूएशन केवल लिक्विडिटी (तरलता) की वजह से बने हुए हैं, जो कि टिकाऊ नहीं होगा। हालांकि, विशेषज्ञों ने एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) द्वारा लगातार बिकवाली और ओवरऑल मार्केट में कमजोरी को थोड़ी निराशाजनक बताया। एफआईआई 9 दिसंबर को शुद्ध विक्रेता रहे और उन्होंने 3,760.08 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 6,224.89 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीदारी की। फंडामेंटल अभी भी भारत के पक्ष में मजबूत बने हुए हैं और आने वाली तिमाही में हाई ग्रोथ और कॉरपोरेट अर्निंग हासिल होने की उम्मीद है।

ग्लोबल संकेत और ट्रेड डील की चिंता

भारतीय बाजार को प्रभावित करने वाली एक बड़ी चिंता भारत-अमेरिका ट्रेड डील को फाइनल होने में हो रही देरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणी कि अमेरिका में चावल डंप करने के लिए भारत पर कार्रवाई होनी चाहिए, इससे बाजार का सेंटीमेंट प्रभावित हुआ है।

एशियाई बाजारों में, बैंकॉक, जकार्ता और सोल हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं, जापान, चीन और हांग कांग लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे। पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार मिलेजुले रहे। डाउ जोंस 0.38 प्रतिशत की गिरावट के बाद 47,560.29 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डेक 0.13 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,576.49 पर बंद हुआ था।

अमेरिका को मिला भारत और चीन पर 100% टैरिफ लगाने का अधिकार, ट्रंप ने बिल पर दस्तखत कर दी मंजूरी

भारतीय सेना ने देश में ही क्यों चलाया था सैन्य अभियान? आजादी से जुड़े हैं तार, क्या है ऑपरेशन पोलो की कहानी

Sunita Williams भारत की वो बेटी जिसने दो बार मनाया अतंरिक्ष में जन्मदिन, प्रेरणा से भरी है कहानी

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को दी चुनौती, फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची, नाम और सिंबल पर विवाद तेज

भस्मासुर है कांग्रेस…राहुल को पढ़ना चाहिए अपनी पार्टी का इतिहास, सहयोगियों को खत्म करना आदत: किरेन रिजिजू