भारतीय शेयर बाजार में गिरावट (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बिज़नेस

Share Market में हाहाकार! सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, $106 के पार पहुंचा कच्चा तेल

Share Market Crash: घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी है। कच्चे तेल की कीमतें $106 के पार पहुंचने और वैश्विक तनाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले हैं।

अक्षय साहू

Share Market Today: कारोबारी हफ्ते के दिन घरेलू शेयर बाजार (Share Market) की शुरुआत कमजोर रुख के साथ हुई। बीएसई सेंसेक्स 180 अंकों की गिरावट के साथ 77,483 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 72 अंक टूटकर 24,100 पर खुला। इससे पहले गुरुवार को भी बाजार में भारी दबाव देखने को मिला था, जब सेंसेक्स 852 अंक गिरकर 77,664 पर और निफ्टी 205 अंक टूटकर 24,173 पर बंद हुआ था। 

वैश्विक संकेतों की बात करें तो बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिला। एशियाई  शेयर बाजारों (Share Market) में जापान के निक्केई और टॉपिक्स इंडेक्स में हल्की बढ़त रही, जबकि कोरिया का कोस्पी और कुछ अन्य सूचकांक दबाव में रहे। हांगकांग और अन्य प्रमुख बाजारों में भी अनिश्चितता का माहौल रहा। दूसरी ओर, अमेरिकी बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, जहां डॉऊ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक सभी नीचे बंद हुए। इससे वैश्विक निवेश धारणा पर असर पड़ा है।

106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचा क्रूड ऑयल

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी जारी है। ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है, जबकि WTI भी मजबूती दिखा रहा है। तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय हैं, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ने और चालू खाते के घाटे पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में मजबूती देखने को मिल रही है और डॉलर इंडेक्स 98.81 के स्तर पर पहुंच गया है, जो उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ाता है। कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में हल्की तेजी और गिरावट का मिश्रित रुझान देखने को मिला। निवेशक वैश्विक अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकाव बनाए हुए हैं।

Infosys की मजबूत तिमाही

कॉर्पोरेट सेक्टर में Infosys ने मजबूत तिमाही नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा 27.8% बढ़कर ₹8,501 करोड़ पहुंच गया है और उसने ₹25 प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की है। यह आईटी सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक बाजारों की कमजोरी के कारण भारतीय शेयर बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है। हालांकि कुछ कंपनियों के बेहतर नतीजे और चुनिंदा सेक्टर्स में मजबूती निवेशकों को आंशिक राहत दे रही है, लेकिन समग्र रुझान अभी भी दबाव में नजर आ रहा है। 

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