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इंडियन स्पोर्ट्स इंडस्ट्री में बंपर उछाल, 2027 तक 100 अरब डॉलर का करेगा कारोबार, FICCI ने दिए ये आंकड़े

युवा मामले और खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव कुणाल ने शनिवार को खेलों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खेल अर्थव्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने 14वें वैश्विक खेल शिखर सम्मेलन 'फिक्की टर्फ 2024' को संबोधित करते हुए कहा।

मनोज आर्या

नई दिल्ली: FICCI-Nangia Nxt की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खेल उद्योग 2020 में 27 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2027 तक 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। फिक्की-नांगिया नेक्स्ट नॉलेज रिपोर्ट- 'भारत में खेलों का भविष्य', जो शनिवार को जारी की गई, में कहा गया है कि भारतीय खेल उद्योग गतिशील विकास के दौर का अनुभव कर रहा है। रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि यह परिवर्तन विभिन्न कारकों से प्रेरित है, जिसमें खेल लीगों का बिजनेस, तकनीकी प्रगति और विविध खेल विषयों पर बढ़ता जोर शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार, खेल के सामान, स्पोर्टस से जुड़े कपड़े और मीडिया राइट्स जैसे क्षेत्र इस वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, अकेले खेल मीडिया बाजार के 2020 में 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2027 तक 13.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। इसमें आगे कहा गया है कि 2023 एशियाई खेलों और 2024 पेरिस ओलंपिक में भारतीय एथलीटों की ऐतिहासिक उपलब्धियों ने वैश्विक मंच पर देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता को उजागर किया है।

तेजी से बढ़ रहा है खेल के सामान का बाजार

बता दें कि अकेले केवल खेल के सामान का बाजार, जिसका मूल्य 2020 में 4.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, 2027 तक 6.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि खेल से जुड़े कपड़ा उद्योग 2020 में 14 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2023 तक 21 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जो कि मुख्य रूप से पुरुषों द्वारा संचालित किया जा रहा ह।  रिपोर्ट के अनुसार, स्पोर्ट्सवियर उत्पाद, खेल-संबंधी व्यवसायों में वृद्धि प्रायोजन, मीडिया अधिकार और बिक्री तक फैली हुई है, जो इस सेक्टर के ओवरऑल इकोसिसटम को मजबूत करती है। युवा मामले और खेल मंत्रालय के संयुक्त सचिव कुणाल ने शनिवार को खेलों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि खेल अर्थव्यवस्था को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने 14वें वैश्विक खेल शिखर सम्मेलन 'फिक्की टर्फ 2024' को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि खेलों का प्रशासन उचित, न्यायसंगत हो ताकि जो लोग खेलना चाहते हैं, उन्हें संपूर्ण इकोसिस्टम विकसित करने के साथ-साथ अवसर भी मिले।

2036 में ओलंपिक की मेजबानी की घोषणा

कुणाल ने आगे कहा कि भारत ने 2036 में ओलंपिक की मेजबानी करने की घोषणा की है और सभी हितधारकों को न केवल 2036 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बल्कि 2047 के भारत के दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए मिलकर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने दो दस्तावेज़ जोड़े - खेल नीति 2024 और राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक का मसौदा वर्तमान में आगे के परामर्श के लिए सार्वजनिक डोमेन में है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बहुत जल्द हम इन दोनों दस्तावेजों को अंतिम रूप देने जा रहे हैं। इन दस्तावेजों की आवश्यकता है, क्योंकि खेल केवल खेल के बारे में नहीं है, बल्कि यह अर्थव्यवस्था का चालक भी है।

ओलंपियन और भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा ने कहा कि मैंने स्पोर्ट्स सेक्टर में बड़ा बदलाव होते देखा है और अब हम सरकार और विशेष रूप से खेल मंत्रालय से जो समर्थन मिल रहा है, उसके लिए मैं आभारी हूं। इसके अलावा, कॉर्पोरेट क्षेत्र से भी समर्थन मिलेगा जो स्पोर्ट्स क्षेत्र और खिलाड़ियों के लिए फायदेमंद होगा।

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