नई दिल्ली : भारतीय एविएशन सेक्टर की तस्वीर काफी तेजी से बदलती हुई नजर आ सकती है। बताया जा रहा है कि साल 2025 में बड़े बड़े मर्जर, बढ़ते एयरक्राफ्ट्स, फ्लाइट्स और एयरपोर्ट्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि सप्लाई चेन की समस्याएं लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसके अलावा नई एयरलाइन्स की शुरूआत, पायलटों की थकान मिटाने के लिए संसोधित मानदंड़ों पर आगे की स्थिति और कार्बन एमीशन को कम करने की कोशिश पर नजर बनी रहेगी।
साल 2024 में एक तरफ 2 एयरलाइनें बंद हो गयी और एक एयरलाइन दिवाला प्रक्रिया के रास्ते पर है, दूसरी तरफ एयरक्राफ्ट के ऑर्डर बढ़ गए और एक दिन में डोमेस्टिक एयर ट्रेवलर्स की संख्या कम से कम दो बार रिकॉर्ड 5 लाख से ज्यादा हो गई। एयर फेयर में उतार-चढ़ाव ने चिंता बढ़ा दी।
एविएशन सेक्टर में कुछ ट्रेनर विमानों की दुर्घटनाएं और दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 पर छत गिरने जैसी दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। मार्च 2025 को खत्म होने वाले चालू वित्त वर्ष में घरेलू हवाई यातायात 16.4-17 करोड़ तक बढ़ने का अनुमान है। इंडस्ट्री का ध्यान अब चौड़े आकार वाले विमानों को बढ़ाने, ज्यादा संख्या में सीधे विदेशी उड़ान संपर्क स्थापित करने और देश को ग्लोबल एविएशन सेक्टर बनाने पर होगा।
आकासा एयर के प्रमुख विनय दुबे के शब्दों में, इंडियन एविएशन सेक्टर के लिए संभावनाएं असाधारण हैं, और आईएटीए प्रमुख विली वॉल्श का मानना है कि इंडियन एयरलाइन्स के लिए बहुत बड़ा अवसर है। इंडियन एयरलाइंस का बेड़ा 800 से ज्यादा विमानों का है, जिसमें 60 से ज्यादा चौड़े आकार के विमान शामिल हैं, और 157 एयरपोर्ट हैं। एयर इंडिया ने 12 नवंबर को एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में सिंगापुर एयरलाइंस के आंशिक स्वामित्व वाली विस्तारा का मर्जर पूरा किया।
टाटा समूह ने एयर इंडिया के उड़ान रिटर्न कार्यक्रम का नाम बदलकर 'महाराजा क्लब' करने का फैसला किया है। अपने विस्तार के क्रम में एयर इंडिया ने 9 दिसंबर को 100 और एयरबस विमान खरीदने का ऑर्डर देने की घोषणा की। इसमें 10 चौड़े आकार के ए350 और 90 संकरे आकार के ए320 विमान शामिल हैं।
एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक और सीईओ कैंपबेल विल्सन ने 28 नवंबर को कहा कि एयरलाइन 2025 में घरेलू और कम दूरी के इंटरनेशनल ऑपरेशन से ज्यादातर हवाई यातायात में बढ़त देखने मिलेगी। हाई कोर्ट ने 7 नवंबर को जेट एयरवेज के परिसमापन का आदेश दिया।
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, 5 दिसंबर को संसद ने 90 साल पुराने विमान अधिनियम की जगह भारतीय वायुयान व्यवसायी 2024 पारित किया, जिसका उद्देश्य विमानन क्षेत्र में कारोबार को और आसान बनाना और भारत में विमानों के विनिर्माण को प्रोत्साहित करना है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)