भारतीय पासपोर्ट (सौ. सोशल मीडिया ) 
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ग्लोबल पासपोर्ट इंडेक्स के मामले में भारत की ऊंची छलांग, पहुंचा 77वें स्थान पर

ब्रिटेन स्थित हेनले Passport Index ने हाल ही में पासपोर्ट इंडेक्सिंग की रैंकिंग लिस्ट जारी की है। जिसके आधार पर ये जानकारी मिली है कि भारत की ग्लोबल रैंकिंग में 8 पायदान का उछाल देखने के लिए मिल रहा ह

अपूर्वा नायक

Global Passport Index: पासपोर्ट इंडेक्सिंग के मामले में भारत ने शानदार उपलब्धि हासिल की है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स के मिड ईयर अपडेट के दौरान भारत ने इस लिस्ट में 8 पायदान की जबरदस्त बढ़त हासिल की है। इस बढ़त के साथ भारत 8 पायदान ऊपर उछलकर 77वें स्थान पर पहुंच गया है।

ये उपलब्धि इसीलिए भी इतनी खास है, क्योंकि पिछले 6 महीनों की अवधि में किसी भी देश की रैकिंग में ये सबसे बड़ी बढ़त है। इस साल की शुरुआत में भारत इस लिस्ट में 85वें स्थान पर हुआ करता था।

देशों की एक ग्लोबल रैंकिंग

ब्रिटेन स्थित हेनले पासपोर्ट इंडेक्स, उन देशों के नागरिकों को उनके पासपोर्ट द्वारा दी जाने वाली यात्रा स्वतंत्रता के आधार पर देशों की एक ग्लोबल रैंकिंग है। भारतीयों की आवाजाही पर वीजा लिस्ट में 2 और देशों के शामिल होने के साथ, अब देश को 59 देशों में वीजा फ्री एंट्री मिल गई है। यह रैंकिंग उन डेस्टिनेशन की संख्या को दर्शाती है, जहां पासपोर्ट होल्डर्स बिना पूर्व वीजा के एंट्री कर सकते हैं। मलेशिया, इंडोनेशिया, मालदीव और थाईलैंड कुछ ऐसे देश हैं, जो इंडियन पासपोर्ट होल्डर्स को वीजा फ्री एंट्री देते हैं। श्रीलंका, मकाऊ, म्यांमार आदि देश आगमन पर वीजा की सुविधा देते हैं।

आईएटीए ने पेश किए आंकड़े

इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन यानी आईएटीए के आंकड़ों पर आधारित ये रैंकिंग दिखाती है कि एशियाई देशों की पासपोर्ट कैपेसिटी में बढ़त हो रही है और भारत, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और चीन जैसी उभरती इकोनॉमीज अमेरिका और ब्रिटेन जैसे पारंपरिक दिग्गजों के करीब पहुंच रही हैं। यह रिजल्ट आईएटीए के आंकड़ों में भी दिखाई देता है, क्योंकि 2025 के पहले 5 महीनों में एशिया-प्रशांत क्षेत्र की एयरलाइनों ने 9.5 परसेंट की बढ़त के साथ ग्लोबल एयर ट्रेवल ग्रोथ में लीडिंग पोजिशन हासिल किया। उत्तरी अमेरिका में बाजार स्टेबल रहा।

ये देश रहे टॉप पोजिशन पर

सिंगापुर ने 227 में से 193 डेस्टिनेशन तक वीजा-फ्री पहुंच के साथ इंडेक्स में टॉप पोजिशन बरकरार रखा। जापान और दक्षिण कोरिया 190 डेस्टिनेशन के साथ दूसरे स्थान पर रहे। फ्रांस, जर्मनी और इटली सहित 7 यूरोपीय संघ के देश तीसरी पोजिशन पर रहे। वहीं, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे, पुर्तगाल और स्वीडन चौथी पोजिशन पर रहे, जबकि न्यूजीलैंड, ग्रीस और स्विट्जरलैंड के साथ पांचवीं पोजिशन पर रहा।

वर्ल्ड लेवल पर कभी पहले स्थान पर रहने वाले अमेरिका और ब्रिटेन में गिरावट जारी रही। ब्रिटेन 186 डेस्टिेनेशन तक पहुंच के साथ छठे स्थान पर खिसक गया, जबकि अमेरिका 182 डेस्टिनेशन्स के साथ दसवें स्थान पर खिसक गया। यूएई 10 सालों में 42वें स्थान से आठवें स्थान पर पहुंच गया, जबकि उसने किसी भी अन्य देश की तुलना में ज्यादा वीजा-फ्री डेस्टिनेशन जोड़े। राजनयिक वीजा छूट की नई लहर ने चीन को एक दशक में 34 स्थान ऊपर चढ़कर 2025 में 60वें स्थान पर पहुंचा दिया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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