डिजिटल अरेस्ट (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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Digital Arrest पर सर्जिकल स्ट्राइक: अमित शाह की टीम लाएगी ‘Kill Switch’, एक बटन से रुक जाएगी ठगी

‘Kill Switch’ For Digital Arrests: डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी को रोकने के लिए गृह मंत्रालय एक 'किल स्विच' बटन लाने वाला है। इस बटन को दबाते ही बैंक खाते के सभी ट्रांजैक्शन तुरंत फ्रीज हो जाएंगे।

प्रिया सिंह

Government's Strategy Against Cyber Fraud: भारत में डिजिटल अरेस्ट और बैंकिंग फ्रॉड के बढ़ते मामलों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसे देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय (MHA) की एक हाई-लेवल कमेटी एक क्रांतिकारी समाधान पर विचार कर रही है, जिसे ‘किल स्विच’ (Kill Switch) नाम दिया गया है। यह तकनीक विशेष रूप से उन लोगों को बचाने के लिए बनाई जा रही है जिन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर डराकर उनके खातों से पैसे ट्रांसफर करवाए जाते हैं। सरकार का लक्ष्य बैंकिंग सिस्टम में एक ऐसा सुरक्षा कवच तैयार करना है जो ठगी की स्थिति में पीड़ित के पैसों को तत्काल सुरक्षित कर सके।

कैसे काम करेगा ‘किल स्विच’?

इस रणनीति के तहत UPI या किसी भी बैंकिंग ऐप में एक 'किल स्विच' बटन दिया जाएगा। इस बटन का आइडिया बेहद सरल लेकिन प्रभावी है, जैसे ही कोई ग्राहक इस बटन को दबाएगा, उसके खाते से होने वाले सभी बैंकिंग ट्रांजैक्शन तुरंत फ्रीज यानी बंद हो जाएंगे। इससे धोखाधड़ी के दौरान ठगों को पैसे म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) में ट्रांसफर करने का मौका नहीं मिलेगा।

डिजिटल अरेस्ट का मायाजाल

डिजिटल अरेस्ट के मामलों में अपराधी खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल करते हैं। वे पीड़ितों के निजी डेटा का इस्तेमाल कर डर और मानसिक दबाव का माहौल बनाते हैं। कई मामलों में पीड़ितों को घंटों तक वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' रखा जाता है और फिर उन पर बड़ी रकम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है। आंकड़ों के अनुसार, इस तरह की ठगी से देश भर में अब तक करीब 3,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो चुका है।

सुप्रीम कोर्ट और सरकारी कमेटी

डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते खतरे को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में इस पर स्वतः संज्ञान लिया था। इसके बाद, दिसंबर में गृह मंत्रालय ने एक हाई-लेवल इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी का गठन किया, जिसमें विभिन्न एजेंसियों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इस कमेटी ने हाल ही में अपनी स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है, जिसमें सुरक्षा के नए उपायों पर मंथन किया गया है।

बीमा और सुरक्षा फंड का प्रस्ताव

ठगी से निपटने के लिए गृह मंत्रालय केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि एक 'इंश्योरेंस मैकेनिज्म' बनाने की भी योजना बना रहा है। इसके माध्यम से बैंकिंग फ्रॉड के शिकार हुए लोगों के नुकसान की भरपाई की जा सकेगी। साथ ही, RBI का मानना है कि 'डिजिटल पेमेंट प्रोटेक्शन फंड' का गठन ठगी के शिकार लोगों को एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करेगा।

बैंकिंग फ्रॉड के चौंकाने वाले आंकड़े

RBI की रिपोर्ट 'ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग इन इंडिया' के मुताबिक, साल 2024-25 में धोखाधड़ी के कुल 23,879 मामले सामने आए। इन मामलों में ठगी की गई कुल राशि लगभग 34,771 करोड़ रुपये थी। तेजी से बढ़ते डिजिटल लेनदेन और मोबाइल बैंकिंग के युग में, अब केवल आंतरिक ऑडिट और नियम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि 'किल स्विच' जैसे सख्त कदमों की आवश्यकता है।

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