सोने और चांदी की कीमतों ने इस हफ्ते रचा नया इतिहास (सोर्स-सोशल मीडिया) 
बिज़नेस

Gold Silver Rates: एक हफ्ते में 28,000 रूपये तक महंगी हुई चांदी, सोना भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर

Silver Price Increase: सोने और चांदी की कीमतों ने इस हफ्ते नया इतिहास रचा है। चांदी 28 हजार महंगी होकर 2.24 लाख के पार पहुंच गई, जबकि सोना 1.38 लाख प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर है।

प्रिया सिंह

Gold-Silver Prices Record High India 2025: भारतीय सर्राफा बाजार में इस हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। वैश्विक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के चलते कीमती धातुओं के दाम आसमान छू रहे हैं। चांदी की कीमतों में इस सप्ताह प्रति किलो 28,000 रुपये तक की अभूतपूर्व तेजी देखी गई है, जिसने निवेशकों और आम खरीदारों को हैरान कर दिया है।

सोने ने भी एक लाख रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करते हुए नया सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time High) बना लिया है। शादियों के सीजन में आई इस भारी तेजी ने आभूषणों की खरीदारी करने वालों की जेब पर सीधा असर डाला है।

चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ बढ़त

इस कारोबारी हफ्ते के दौरान चांदी की कीमतों में जो उछाल आया है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। हफ्ते की शुरुआत से ही चांदी में जबरदस्त तेजी का रुख बना रहा और अंत तक यह करीब 28,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई। घरेलू बाजार में चांदी ने 2,24,000 रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर लिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी 75 डॉलर प्रति औंस के पार निकल गई है। औद्योगिक मांग में वृद्धि और वैश्विक स्तर पर आपूर्ति की कमी को इस तेजी का मुख्य कारण माना जा रहा है।

सोना भी पहुंचा नई ऊंचाइयों पर

चांदी के साथ-साथ सोने की चमक भी इस हफ्ते फीकी नहीं पड़ी। 24 कैरेट सोने की कीमतें 1,38,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने 4,560 डॉलर प्रति औंस का नया रिकॉर्ड बनाया है। भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी ने पीली धातु को नई मजबूती दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक बाजारों में स्थिरता नहीं आती, तब तक सोने की कीमतों में गिरावट की संभावना काफी कम है।

महंगाई का कारण और बाजार का रुख

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस ऐतिहासिक तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं। डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सोने-चांदी की ओर धकेला है।

साथ ही, भारत में शादी-विवाह के सीजन के चलते फिजिकल डिमांड में भी इजाफा हुआ है। हालांकि, ऊंचे दामों के कारण खुदरा बाजार में खरीदारों की संख्या में थोड़ी कमी आई है, लेकिन निवेश के नजरिए से सोने-चांदी की मांग अभी भी बरकरार है।

भविष्य के संकेत और सलाह

आने वाले दिनों में यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं होता है, तो कीमतें और भी ऊपर जा सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह धातु अभी भी सुरक्षित है।

हालांकि, अल्पकालिक खरीदारों को बाजार में थोड़ी स्थिरता आने का इंतजार करना चाहिए। सर्राफा विशेषज्ञों का अनुमान है कि चांदी आने वाले समय में 2.5 लाख रुपये के स्तर को भी छू सकती है।

6 साल में 41 मासूमों की मौत; अमरावती से झांसी तक अस्पताल बने आग का गोला, लेकिन एक भी दोषी को नहीं हुई सजा

मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान पर भड़के जगद्गुरु अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- हिंदू धर्म विरोधी मानसिकता त्यागें

जहरीला धतूरा बेच रहे थे अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट, FSDA ने सस्पेंड किया फूड लाइसेंस, हड़कंप

आपका धर्म पारसी है,अन्य धर्मों पर टिप्पणी करने का हक नहीं, राहुल गांधी पर सांसद निशिकांत दुबे का जुबानी हमला

मनुस्मृति पर राहुल गांधी का वार, निशिकांत दुबे ने किया पलटवार; फिर चर्चा में आया आंबेडकर का विरोध