सोने की कीमत (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
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रिकॉर्ड हाई से 10 प्रतिशत धड़ाम हुआ गोल्ड, एक्सपर्ट ने बताया और भी ज्यादा हो सकता है सस्ता

सीजफायर समझौते के बाद भारत में गोल्ड रेट में कमी आयी है। साथ ही अलग-अलग ग्लोबल कारणों से भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में सोने की कीमतों में और ज्यादा कमी आ सकती है।

अपूर्वा नायक

नई दिल्ली: गोल्ड रेट गिरने का सिलसिला लगातार जारी है। अक्षय तृतीया के त्योहार से पहले अपने रिकॉर्ड हाई यानी 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंचने के बाद इंडियन मार्केट में गोल्ड का रेट गिरकर 92000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।

ग्लोबल मार्केट में भी सोने की कीमतें गिर गई है। अप्रैल में गोल्ड रेट 3,500 डॉलर प्रति औंस पहुंचा था। हालांकि अब ये नीचे गिरकर 3,140 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। ग्लोबल ट्रेड वॉर कम होने और सिक्योर इंवेस्टमेंट की डिमांड में कमी आने से गोल्ड में ये गिरावट देखने के लिए मिल रही है। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड में अभी और गिरावट आ सकती है। इस साल गोल्ड में इंवेस्टमेंट को साल 2024 और साल 2025 में अब तक जैसा रिटर्न मिला है, वो आगे मिलने की उम्मीद नहीं है। साथ ही लंबे समय के लिए भी गोल्ड एक बेस्ट इंवेस्टमेंट मीडियम बन सकता है।

जल्द ही इतना हो सकता है गोल्ड रेट

ऑल बु‍लियन एंड ज्‍वैलर्स एसोसिएशन के चेयरमैन ने न्यूज चैनल को बयान दिया है कि इतिहास अपने आप को दोहराता है। गोल्ड रेट के इतिहास के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा है कि जब साल 2013 में गोल्ड रेट में बड़ी गिरावट आयी थी। सिंघल ने कहा है कि यदि साल 2013 जैसे हालात बनते है, तो गोल्ड रेट 3230 डॉलर प्रति औंस से टूटकर 1820 डॉलर प्रति औंस तक आ सकता है। ऐसी परिस्थिति में लोकल मार्केट में गोल्ड रेट घटकर 50,000 से 60,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक रह गए सकते हैं।

1.भारत और पाकिस्तान में तनाव

12 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच में सीजफायर के ऐलान के बाद से देश में टेंशन का माहौल बदल गया है। जिसके कारण इंवेस्टर्स ने गोल्ड जैसे सिक्योर इंवेस्टमेंट ऑप्शन से दूरी बनाना शुरू कर दिया है, जिसके कारण डिमांड में गिरावट आयी है और गोल्ड रेट कम हुआ है।

2. अमेरिका चीन के बीच सामान्य हालात

अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ कम करने पर सहमति बनने के कारण ग्लोबल ट्रेड टेंशन में कमी आयी है। जिससे इंवेस्टर्स ने रिस्क भरे असेट्स की ओर रुख किया है, जिससे गोल्ड रेट में गिरावट आयी हैं।

3. इंवेस्टर्स के द्वारा मुनाफावसूली

गोल्ड रेट अप्रैल 2025 में 1 लाख प्रति 10 ग्राम के पास पहुंच गया था। अब इंवेस्टर्स ने मुनाफावसूली भी शुरू कर दी थी, जिसके कारण बाजार में बिकवाली बढ़ रही है और सोने की कीमतें गिर रही हैं।

4. शेयर मार्केट में उछाल

दुनियाभर के शेयर मार्केट्स में तेजी आने के कारण इंवेस्टर्स ने गोल्ड से पैसा निकालकर शेयर मार्केट में इंवेस्टमेंट करना शुरू किया है, जिसके कारण गोल्ड की डिमांड में गिरावट आयी है और कीमतें भी घटी हैं।

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