(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
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सोने और चांदी में निवेश से पहले जानें ये जरूरी बातें, तभी शुभ हो सकती है आपकी दिवाली

Gold-Silver Investment: त्योहारी माहौल में जल्दबाजी में निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को लॉन्गटर्म प्लान अपनाना चाहिए। इसके जरिए निवेश पर अच्छा रिटर्न पा सकते हैं।

मनोज आर्या

Gold And Silver Investment Tips: दीवाली का पर्व न केवल रोशनी और खुशियों का प्रतीक है, बल्कि यह निवेश के लिए भी एक शुभ समय माना जाता है। इस वर्ष सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है, जिससे निवेशकों का रुझान इन कीमीत धातुओं की ओर बढ़ा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तेजी के पीछे रिस्क भी छिपा है, जिसे नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।

2024 के अंत में चांदी की कीमत ₹89,700 प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर ₹1,85,000 तक पहुंच गई है। यानी लगभग 106% की वृद्धि। इस अप्रत्याशित तेजी ने बाजार में चांदी की मांग को बढ़ा दिया है, जिससे आपूर्ति में कमी आई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह स्थिति दीवाली तक बनी रह सकती है, लेकिन इसके बाद कीमतों में गिरावट संभव है।

बाजार में चांदी का ताजा भाव

वर्तमान में हाजिर बाजार में चांदी ₹1,80,000 प्रति किलो बिक रही है, जबकि कमोडिटी एक्सचेंज पर इसका भाव ₹1,61,400 है। यह अंतर दर्शाता है कि निवेशक वास्तविक मूल्य से अधिक भुगतान कर रहे हैं। साथ ही, भारत में चांदी की कीमतें वैश्विक स्तर से 10–18% अधिक हैं, और आयातित चांदी का प्रीमियम भी अंतरराष्ट्रीय दरों से 10-15% ज्यादा है।

क्या है विशेषज्ञों की राय?

विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में अभी स्थिरता है। जैसे ही वैश्विक आपूर्ति सुधरेगी, कीमतों में संतुलन आएगा। ऐसे में जो निवेशक वर्तमान ऊंचे दामों पर चांदी खरीद रहे हैं, उन्हें भविष्य में घाटा हो सकता है।

सोने में निवेश की स्थिति

सोने की कीमतों में भी इस वर्ष लगभग 40% की वृद्धि दर्ज की गई है। 1 जनवरी 2025 को सोना ₹77,600 प्रति 10 ग्राम था, जो अक्टूबर तक ₹1,31,800 तक पहुंच गया। भू-राजनैतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने की मांग बनी हुई है। एंजेल ब्रोकिंग के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें वर्ष के अंत तक $4,400 प्रति औंस तक जा सकती हैं, और 2026 के मध्य तक यह $4,600 तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी चेतावनी देते हैं कि दीवाली के बाद इसमें स्थिरता या गिरावट आ सकती है।

निवेशकों के लिए सुझाव

त्योहारी माहौल में जल्दबाज़ी में निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशकों को लॉन्गटर्म प्लान अपनाना चाहिए। छोटे निवेशकों के लिए SIP के माध्यम से गोल्ड और सिल्वर ETF में निवेश करना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। इससे जोखिम कम होता है और बाजार की अस्थिरता से बचाव भी संभव है।

इस दीवाली, निवेश से पहले सोच-समझकर कदम उठाएं और बाजार की चाल को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाएं। समझदारी से किया गया निवेश ही सच्चे अर्थों में शुभ साबित होगा।

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