Highlights:
ई-कॉमर्स कंपनियों ने पहले दो दिनों में करीब 24,000 करोड़ रुपये की बिक्री की।
स्मार्टफोन, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन की जबरदस्त मांग ने सेल्स बढ़ाया।
सेल्स वैल्यू रोजाना के औसत सामान्य बिजनेस रन रेट से लगभग छह गुना ज्यादा थी।
E-commerce Festive Sale Record: भारतीय ई-कॉमर्स कंपनियों ने त्योहारों के शॉपिंग सीजन के पहले दो दिनों में करीब 24,000 करोड़ रुपये की बिक्री की हैं। ज्यादा ऑर्डर वॉल्यूम और स्मार्टफोन, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन की जबरदस्त मांग ने कंपनियों के सेल्स में बढ़ोतरी को समर्थन दिया है।
त्योहारों के प्रमोशन से देश भर में ऑनलाइन शॉपिंग में तेजी आने से कंज्यूमर्स ने Amazon, Flipkart, Meesho और Ajio जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर लगभग 8 से 9 करोड़ ऑर्डर किए।
रेडसीर के एसोसिएट पार्टनर निखिल दलाल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि रेडसीर ने अनुमान लगाया है कि पहले दो दिनों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स ने $2.5 बिलियन (लगभग 24,200 करोड़ रुपये) से ज्यादा की ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू दर्ज की, जिससे लगभग 6 से 6.5 करोड़ खरीदार आए।
सेल्स वैल्यू रोजाना के औसत सामान्य बिजनेस रन रेट से लगभग छह गुना थी, जो त्योहारों की खरीदारी के समय कंज्यूमर एक्टिविटी के स्केल को दिखाता है। वैल्यू के हिसाब से मोबाइल फोन सबसे बड़ी कैटेगरी बनी रही, जिसकी कुल सेल्स में लगभग 38-40 प्रतिशत या 9,100-9,600 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी थी।
कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ने लगभग 25-27% हिस्सा दिया, जो 6,000 से 6,500 करोड़ रुपये होता है, जबकि फैशन प्रोडक्ट्स की सेल्स में हिस्सेदारी 15 से 18% थी, जिसकी वैल्यू लगभग 3,630-4,350 करोड़ रुपये थी। बड़े अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स की डिमांड भी बड़े मार्केट से आगे निकल गई, भले ही वैल्यू के हिसाब से कुल सेल्स में स्मार्टफोन का दबदबा बना रहा।
टेलीविजन, रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर ने मिलकर बड़े अपकरण की बिक्री में दो-तिहाई से ज्यादा हिस्सा लिया। रेडसीर के अनुसार, TCL, LG, Samsung और Xiaomi जैसे ब्रांड के 55-इंच स्क्रीन वाले मॉडल सबसे ज्यादा बिकने वाले टेलीविजन स्टॉक-कीपिंग यूनिट का 75% से ज्यादा हिस्सा थे।
कंसल्टेंसी ने कहा कि 2026 की पहली छमाही में इलेक्ट्रॉनिक्स की बिक्री पहले ही 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई थी, क्योंकि साल की दूसरी छमाही में ज्यादा कीमतों की उम्मीद के बीच ग्राहकों ने पहले ही खरीदारी कर ली थी। फेस्टिव सेल के शुरुआती दो दिनों में, इलेक्ट्रॉनिक्स ऑर्डर औसत सामान्य बिजनेस स्तर से लगभग 14 गुना ज्यादा थे, जिसमें लैपटॉप और इंटरनेट ऑफ थिंग्स डिवाइस ने डिमांड में हिस्सा लिया।
इस त्योहारी सेल में फैशन भी एक मजबूत ग्रोथ ड्राइवर के तौर पर उभरा, जिसमें GMV साल-दर-साल 22-25 प्रतिशत बढ़ा। इस कैटेगरी में बिक्री रोजाना के औसत से तीन से पांच गुना ज्यादा रहा, जो टियर 2 शहरों और छोटे शहरों के खरीदारों के बीच सस्ते फेस्टिव कपड़ों की डिमांड को दिखाता है।
रेडसीर का अनुमान है कि पहले दो दिनों में खरीदारी करने वाले 6-6.5 करोड़ खरीदारों में से लगभग दो-तिहाई टियर 2 शहरों और ग्रामीण इलाकों से आए थे। शुरुआती दिन के खरीदारों में Gen Z का हिस्सा लगभग एक-तिहाई था। सेल्स के दौरान क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने भी रफ्तार पकड़ी।
Amazon और Flipkart ने अपनी मौजूदगी बढ़ाने के लिए अपने क्विक-कॉमर्स ऑपरेशन का फायदा उठाया, इस सेगमेंट ने अपने रोजाना औसत सामान्य बिजनेस लेवल से चार से पांच गुना ज्यादा GMV रिकॉर्ड किया। भारत में आम तौर पर एक महीने में लगभग 15-16 करोड़ यूनिक ई-कॉमर्स खरीदार आते हैं।
रेडसीर के अनुसार, इसलिए, फेस्टिव सेल्स के शुरुआती दो दिनों में उस महीने के एक-तिहाई से ज्यादा खरीदार आए। पिछले साल के मुकाबले पहली बार खरीदारी करने वालों की संख्या भी दोगुनी हो गई।
निखिल दलाल ने कहा कि कंसल्टेंसी को उम्मीद है कि फेस्टिव सेल्स के पूरे 11 दिन के पहले हिस्से में लगभग 10 करोड़ खरीदार हिस्सा लेंगे, जो शॉपिंग सीज़न के आगे बढ़ने के साथ-साथ तेजी जारी रहने की संभावना का संकेत है।