एक्सपोर्ट बिजनेस (सौजन्य : सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : भारत के एक्सपोर्ट में लगातार तीसरे महीने में गिरावट आयी है और ये गिरावट जनवरी के महीने में 2.38 प्रतिशत से घटकर 36.43 अरब डॉलर रहा है। प्रमुख रुप से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतों में अप्स एंड डाउन और ग्लोबल अनिश्चितताओं के कारण एक्सपोर्ट घटा है।
कॉमर्स मिनिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, सालाना आधार पर इंपोर्ट 10.28 प्रतिशत बढ़कर 59.42 अरब डॉलर रहा। इससे ट्रेड घाटा बढ़कर 22.99 अरब डॉलर हो गया। दिसंबर में ट्रेड घाटा 21.94 अरब डॉलर तथा पिछले साल जनवरी के महीने में 16.55 अरब डॉलर था।
इंपोर्ट और एक्सपोर्ट के बीच अंतर
संचयी रूप से चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीने यानी अप्रैल से जनवरी के दौरान एक्सपोर्ट 1.39 प्रतिशत बढ़कर 358.91 अरब डॉलर और इंपोर्ट 7.43 प्रतिशत बढ़कर 601.9 अरब डॉलर रहा। इंपोर्ट और एक्सपोर्ट के बीच अंतर को बताने वाला व्यापार घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीने में 242.99 अरब डॉलर रहा।
भारत का गुड्स और सर्विस एक्सपोर्ट
वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने संवाददाताओं से कहा है कि दुनिया में इकोनॉमिकल अनिश्चितताओं के बाद भारत का गुड्स और सर्विस एक्सपोर्ट का प्रदर्शन बेहतर है। उन्होंने कहा कि समीक्षाधीन महीने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिसिन, चावल और रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों में ग्रोथ रेट अच्छी है।
हो रहा है अच्छा प्रदर्शन
बर्थवाल ने कहा है कि दुनिया भर में संघर्षों और टैरिफ रेट को लेकर जवाबी कार्रवाई के बाद, हम अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का गुड्स और सर्विस का एक्सपोर्ट 2024-25 में 800 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर जाएगा। यह 2023-24 में 778 अरब डॉलर था।
सोने का इंपोर्ट बढ़ा
जनवरी में देश का सोने का इंपोर्ट 1.9 अरब डॉलर से बढ़कर 2.68 अरब डॉलर हो गया। दिसंबर, 2024 में यह 4.7 अरब अमेरिकी डॉलर था। कच्चे तेल का इंपोर्ट जनवरी, 2024 में घटकर 13.43 अरब डॉलर रहा, जो एक साल पहले इसी महीने में 16.56 अरब डॉलर था। दिसंबर, 2024 में यह 15.27 अरब डॉलर था।