कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन) 
बजट

वित्त मंत्री का आर्थिक सर्वेक्षण आम आदमी के लिए कितना खास? इन 10 प्वॉइंट्स में समझें पूरा रिपोर्ट कार्ड

Union Budget 2025-26: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से पहले गुरुवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया। इस सर्वेक्षण में आम आदमी के लिए क्या खास है? चलिए जानते हैं...

अभिषेक सिंह

Economic Survey 2025-26: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से पहले गुरुवार को लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया। सर्वेक्षण के मुताबिक इस आगामी वित्त वर्ष में यानी 2026-27 में देश की अनुमानित जीडीपी यानी विकास दर 6.8% से 7.2% फीसदी तक रहने वाली है।

आपको बता दें कि आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट चालू वित्त वर्ष में हुए खर्च और आर्थिक स्थितियों के आधार पर तैयार किया जाती है। इसके साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट में आने वाले बजट को लेकर सुझाव भी समाहित किए जाते हैं। जिसके आधार पर आगामी बजट में प्रावधान किए जाते हैं। चलिए 10 प्वाइंट्स में जानते हैं इकोनॉमिक सर्वे की बड़ी बातें...

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के 10 बड़ी बातें

  • GDP ग्रोथ रेट: वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में भारत की रियल GDP ग्रोथ रेट 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इससे भारत लगातार चौथे साल दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया है।
  • पोटेंशियल ग्रोथ में सुधार: सर्वे ने भारत की पोटेंशियल ग्रोथ रेट को 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.0 प्रतिशत कर दिया है। यह इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और घरेलू सुधारों का नतीजा है।
  • राजकोषीय घाटा: सरकार ने FY25 में 4.8% का राजकोषीय घाटा हासिल किया, जो बजट लक्ष्य 4.9% से कम है। FY26 के लिए घाटे का लक्ष्य 4.4% तय किया गया है।
  • महंगाई पर कंट्रोल: खुदरा महंगाई में तेज़ी से गिरावट आई है, जो FY25-26 में 1.7 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह मुख्य रूप से खाने-पीने की चीज़ों, खासकर सब्जियों और दालों की कीमतों में गिरावट के कारण हुआ है।
  • क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड: दो दशकों में पहली बार, प्रमुख रेटिंग एजेंसी S&P ने भारत की रेटिंग को BBB- से बढ़ाकर BBB कर दिया है। मॉर्निंगस्टार DBRS और R&I ने भी अपनी रेटिंग अपग्रेड की हैं।
  • पूंजीगत व्यय: GDP के हिस्से के रूप में ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन (GFCF) 30.5 प्रतिशत रहा, जो महामारी से पहले के औसत 28.6% से काफी ज़्यादा है।
  • निजी खपत: GDP के हिस्से के रूप में प्राइवेट फाइनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PFCE) बढ़कर 61.5 प्रतिशत हो गया है, जो FY12 के बाद से सबसे ज़्यादा है।
  • कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन: खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 332 मिलियन टन (2024-25) तक पहुंच गया। दालों और तिलहन के उत्पादन में भी सुधार हुआ।
  • विदेशी मुद्रा और रुपया: भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार घाटे के कारण 2025 में भारतीय रुपया दबाव में रहा। आर्थिक सर्वे के अनुसार, रुपया अंडरवैल्यूड है और अपनी असली क्षमता से कम प्रदर्शन कर रहा है।
  • भविष्य की चुनौतियां: सर्वे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास, शहरों में जीवन की गुणवत्ता और राज्य की क्षमता को भविष्य के लिए प्रमुख रणनीतिक चुनौतियों के रूप में उजागर किया है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में इन 10 बिंदुओं के आधार पर बजट 2026-27 के लिए सुझावों का समावेशन भी किया है। ऐसे में देखना अहम होगा कि एक फरवरी को जब निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी तो उसमें क्या कुछ नए प्रावधान देखने को मिलेंगे और रुपये की स्थिति को सुधारने के लिए क्या प्रयास किए जाएंगे।

तमिलनाडु में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगा सोने का छल्ला, CM विजय ने किया ऐलान, वितरण के लिए बनेंगे 107 हब

DUSU Election 2026 LIVE: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान समाप्त

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बन सकते हैं राहुल गांधी...शहजाद पूनावाला का तंज, बोले- 2029 में फिर PM बनेंगे मोदी

PM मोदी 19 सितंबर को करेंगे NGT के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन, 17 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां कैंपस में कैसे घुसी? DUSU चुनाव में हिंसा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, मांगा जवाब