केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, (सोर्स-IANS) 
बिज़नेस

बजट 2026: 'न छुट्टी मिली, न राहत!' टैक्सपेयर्स और निवेशकों का छलका दर्द, बोले- इससे अच्छा संडे ही रहने देते

Budget Public Reaction: मिडिल क्लास की निगाहें बस एक चीज ढूंढ रही थीं-टैक्स राहत। जैसे-जैसे भाषण आगे बढ़ा और पर्सनल टैक्स में कोई बड़ा ऐलान नहीं आया, सोशल मीडिया पर निराशा मीम्स के रूप में फूट पड़ी।

मनोज आर्या

Social Media Memes on Budget: यूनियन बजट डे अब सिर्फ आंकड़ों, टैक्स स्लैब और लंबे भाषणों तक सीमित नहीं रहा है। जैसे ही वित्त मंत्री ने बजट 2026 पेश किया, सोशल मीडिया पर भी हलचल शुरू हो गई। भाषण शुरू होने से पहले ही एक्स और इंस्टाग्राम पर मीम्स आने लगे। इनमें मिडिल क्लास की टेंशन, निवेशकों की उम्मीदें और आम लोगों के डर भी शामिल था।

बजट डे ने एक बार फिर दिखा दिया कि भारत में लोग अब बड़े आर्थिक ऐलानों को पहले हंसी में बदलते हैं और बाद में समझते हैं। इस बार बजट की सबसे ज्यादा चर्चा भाषण से ज्यादा चर्चा मीम्स की वजह से हुई।

मिडिल क्लास की वित्त मंत्री से उम्मीदें

कई यूजर्स पहले से ही पूरी तैयारी में थे। कुछ ने तो वित्त मंत्री के बोलना शुरू करने से पहले ही अपने रिएक्शन पोस्ट कर दिए। एक वायरल मीम में लिखा था-मिडिल क्लास टैक्स राहत की उम्मीद लगाए बैठा रह गया और इसे देखकर सैलरीड लोग तुरंत रिलेट करने लगे।

इनकम टैक्स में कोई बड़ा ऐलान नहीं

मिडिल क्लास की निगाहें बस एक चीज़ ढूंढ रही थीं-टैक्स राहत। जैसे-जैसे भाषण आगे बढ़ा और पर्सनल टैक्स में कोई बड़ा ऐलान नहीं आया, सोशल मीडिया पर निराशा मीम्स के रूप में फूट पड़ी। कुछ ही मिनटों में X और इंस्टाग्राम मीम्स से भर गए। कई मीम्स ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के सीन पर बने थे, जो उम्मीद, ड्रामा और फिर निराशा को बेहद मजेदार तरीके से दिखा रहे थे।

संड़े भी बेकार चला गया

किसी ने मजाक में लिखा कि मिडिल क्लास को तो कुछ मिला ही नहीं। मुश्किल से ऑफिस में छुट्टियां मिलती हैं, लेकिन बजट देखने में वो भी आधी बीत गई. कई ने तो यह तक कहा कि संडे भी बेकार चला गया।

इन सेक्टरों पर वित्त मंत्री का फोकस

अपने नौवें लगातार बजट 2026 में वित्त मंत्री ने तीन कर्तव्यों के आधार पर सरकार की आर्थिक दिशा बताई। इस बार हेल्थकेयर और बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग बड़े फोकस में रहे। अगले पांच सालों में इन सेक्टरों पर 10,000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि भारत को बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स का वैश्विक हब बनाया जा सके। कागज़ पर ये योजनाएं काफी महत्वाकांक्षी और भविष्य की सोच वाली नजर आईं।

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