नागपुर मेट्रो और गोसीखुर्द (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
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Budget 2026: विदर्भ के 11 जिले रह गए खाली हाथ, गोसीखुर्द से लेकर एयरपोर्ट तक नहीं मिला कोई फंड, पढ़ें रिपोर्ट

Vidarbha in Union Budget 2026: विदर्भ के 11 जिले खाली हाथ! नागपुर मेट्रो और गोसीखुर्द परियोजना को नहीं मिली संजीवनी। गडकरी के गढ़ और सीएम की सिटी की अनदेखी पर उठे सवाल।

प्रिया जैस

Vidarbha Budget 2026: विदर्भ के लिए शायद ही कुछ आवंटित किया गया है, बजट विश्लेषकों का मानना है कि यह क्षेत्र औद्योगिक और अवसंरचनात्मक विकास में लगातार पिछड़ रहा है। यह बजट इस स्थिति को बदलने का एक अवसर था। अगर केंद्र सरकार परियोजनाओं के लंबित मामलों को निपटाने के लिए गंभीर होती है, तो विदर्भ को कई सौ करोड़ रुपये के नए अनुदान मिल सकते थे।

2024 के मध्य में, सरकार ने विदर्भऔर मराठवाड़ा में सिंचाई के लिए 600 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी, जिसे बाद में संशोधित करके 400 करोड़ रुपये कर दिया गया, लेकिन ये धनराशि पूरी तरह से उपलब्ध नहीं हो पाई।

गोसीखुर्द सिंचाई परियोजना अब भी अधूरी

पूर्वी विदर्भ में 250,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई के उद्देश्य से शुरू की गई गोसीखुर्द राष्ट्रीय सिंचाई परियोजना, पर्याप्त धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद बार-बार निर्धारित समय सीमा से चूक गई है। राज्य सरकार ने हाल ही में इसके पूरा होने की समय सीमा को जून 2026 तक बढ़ा दिया है।

केंद्र सरकार द्वारा अंतिम चरण की धनराशि या निगरानी के रूप में विशेष सहायता प्रदान करने से यह परियोजना पूरी हो सकती थी, जिससे नागपुर, वर्धा और भंडारा जिलों के किसानों को राहत मिलेगी। एक और महत्वपूर्ण परियोजना वैननगंगा-नलगंगा नदी को जोड़ने की है, जिससे विदर्भ के कई जिलों को लाभ होगा।

लगभग 88,574 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य नागपुर, वर्धा, अमरावती और आसपास के क्षेत्रों में 3.7 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि की सिंचाई करना है, जिसके लिए अतिरिक्त पानी को कमी वाले क्षेत्रों में मोड़ा जाएगा। इसे सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन कार्यान्वयन धीमा रहा है।

मेट्रो में कोई प्रावधान नहीं

परिवहन संपर्क एक और महत्वपूर्ण क्षेत्र है। विदर्भ का सबसे बड़ा शहर नागपुर एक लॉजिस्टिक्स हब के रूप में तेजी से विकसित हुआ है, लेकिन अंतर-क्षेत्रीय संपर्क में कमी है।

उदाहरण के तौर पर, नागपुर मेट्रो विस्तार (द्वितीय चरण) राज्य सरकार के सहयोग से चल रहा है, लेकिन इसे पर्याप्त केंद्रीय निधि की आवश्यकता है। पिछले वर्ष के बजट में नागपुर मेट्रो के विस्तार के लिए 680 करोड़ रुपयों का प्रावधान किया गया था। इस बार कुछ भी नहीं है। किया गया

PM मित्र पार्क की घोषणा, कार्रवाई शून्य

कुल मिलाकर लगता है कि सीएम देवेंद्र फडणवीस की सिटी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के विदर्भ के प्रति केंद्र सरकार उदासीन दिखाई दे रही है। अमरावती में पीएम मित्र पार्क की घोषणा हुई थी, इसके बाद यह प्रकल्प आगे नहीं बढ़ पाया है। अमरावती और अकोला विमानतलों के विकास के लिए भी कोई प्रावधान नहीं किया गया है। सेंट्रल इंडिया में नागपुर को हेल्थ हब के रूप में बढ़ाया जा रहा है, लेकिन बजट में ध्यान नहीं। शिक्षा संस्थान नागपुर में लाए जा रहे हैं, मगर यिनवर्सिटी टाऊनशिप देश में अन्य स्थानों पर स्थापित की जा रही है।

  • नवभारत लाइव पर नागपुर से मनोज चौबे की रिपोर्ट

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