केंद्रीय बजट 2026 (सोर्स-सोशल मीडिया) 
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Budget 2026: MSME के लिए बिना गारंटी लोन की नई सौगात, छोटे उद्योगों को मिलेगा आर्थिक बूस्ट

Collateral Free Loan: बजट 2026 में MSME के लिए बिना गारंटी 10 करोड़ तक के लोन की नई स्कीम आई है। महिलाओं के लिए ₹2 करोड़ का विशेष लोन और सूक्ष्म उद्योगों को 5 लाख का क्रेडिट कार्ड मिलेगा।

प्रिया सिंह

Budget 2026 MSME loan limit increase India: केंद्रीय बजट 2026 में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने छोटे उद्योगों के लिए "बिना गारंटी लोन" की एक नई क्रेडिट गारंटी योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य पूंजी की कमी को दूर करना है। यह योजना विशेष रूप से उन उद्यमियों के लिए संजीवनी साबित होगी जिनके पास बैंक ऋण के लिए गिरवी रखने हेतु कोई संपत्ति नहीं है। इस पहल से न केवल विनिर्माण क्षेत्र में तेजी आएगी, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

क्रेडिट गारंटी का विस्तार

सरकार ने MSME क्षेत्र के लिए क्रेडिट गारंटी कवर की सीमा को बढ़ाकर छोटे उद्यमियों को बड़ी राहत दी है। अब सूक्ष्म उद्यमों के लिए ऋण की सीमा ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ तक करने का प्रस्ताव है, जिससे बड़े विस्तार कार्यों में मदद मिलेगी। इस योजना के तहत बैंकों को सरकार की ओर से 100% गारंटी कवरेज दी जाएगी, जिससे बैंक बिना किसी हिचकिचाहट के ऋण वितरित कर सकेंगे।

महिलाओं और नए उद्यमियों पर फोकस

बजट 2026 में पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। स्टैंड-अप इंडिया की तर्ज पर एक नई योजना शुरू की गई है जो 5 लाख महिला उद्यमियों को ₹2 करोड़ तक का टर्म लोन प्रदान करेगी। यह कदम समावेशी विकास को बढ़ावा देने और जमीनी स्तर पर उद्यमिता को सशक्त बनाने के लिए उठाया गया है।

निर्यातकों के लिए विशेष छूट

निर्यात क्षेत्र से जुड़े MSME इकाइयों के लिए ₹20 करोड़ तक के ऋण पर क्रेडिट गारंटी शुल्क को घटाकर मात्र 1% कर दिया गया है। इसके अलावा, ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए निर्यातकों को ब्याज दरों में 2.75% तक की अतिरिक्त छूट (Interest Subvention) दी जाएगी। इस प्रोत्साहन से भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और निर्यात को नया आयाम मिलेगा।

डिजिटल लोन और क्रेडिट कार्ड

छोटे दुकानदारों और सूक्ष्म उद्यमियों के लिए ₹5 लाख तक की सीमा वाले कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड पेश किए जा रहे हैं। उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत लगभग 10 लाख सूक्ष्म उद्यमों को पहले वर्ष में ये कार्ड जारी किए जाएंगे ताकि उनकी कार्यशील पूंजी (Working Capital) की जरूरतें तुरंत पूरी हो सकें। '59 मिनट लोन' पोर्टल को भी और अधिक उन्नत बनाया गया है जिससे ऋण की सैद्धांतिक मंजूरी अब और भी तेजी से मिल सकेगी।

प्रौद्योगिकी और आधुनिकीकरण

MSME इकाइयों के आधुनिकीकरण के लिए क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (CLCSS) के तहत 15% की पूंजीगत सब्सिडी जारी रहेगी। सरकार का लक्ष्य है कि छोटे उद्योग नवीनतम मशीनरी और स्वच्छ तकनीक अपनाकर अपनी उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार करें। बजट में इसके लिए अलग से फंड का आवंटन किया गया है, जो पारंपरिक उद्योगों को डिजिटल और ऑटोमेटेड बनाने की दिशा में प्रेरित करेगा।

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