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Q1 Results Alert: पहली तिमाही में 19 सेक्टर्स की बेहतर कमाई! फाइनेंशियल और मेटल शेयरों में तेज उछाल

Share Market: मोतीलाल ओसवाल के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही का आय सीजन मजबूत प्रदर्शन के साथ समाप्त हुआ। प्रमुख क्षेत्रों में कंपनियों का प्रदर्शन अनुमान से बेहतर रहा।

मनोज आर्या

Indian stock market Q1 Performance: भारतीय कॉरपोरेट्स के वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के नतीजों में 19 सेक्टर्स का प्रदर्शन उम्मीद से अच्छा रहा है और इसमें फाइनेंशियल, मेटल्स, ऑयल एंड गैस (ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को छोड़कर) और ऑटोमोबाइल सबसे आगे रहे हैं। यह जानकारी रविवार को जारी हुई एक रिपोर्ट में दी गई।

मोतीलाल ओसवाल द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही का आय सीजन मजबूत प्रदर्शन के साथ समाप्त हुआ। प्रमुख क्षेत्रों में कंपनियों का प्रदर्शन अनुमान से बेहतर रहा।

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर भारी दबाव

जहां कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) पर भारी दबाव डाला। वहीं वित्तीय सेवाओं, मेटल्स, ओएमसी को छोड़कर तेल एवं गैस, टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम, केमिकल्स, टेक्सटाइल्स और रियल एस्टेट जैसे सेक्टरों ने आय वृद्धि में सकारात्मक योगदान दिया।

ओएमसी को छोड़कर मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (एमओएफएसएल) यूनिवर्स में बिक्री, ईबीआईटीडीए और टैक्स के बाद मुनाफे में सालाना आधार पर क्रमशः 18 प्रतिशत, 15 प्रतिशत और 22 प्रतिशत की वृद्धि हुई। ब्रोकरेज ने क्रमशः 15 प्रतिशत, 10 प्रतिशत और 15 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था।

ऑयल एंड गैस सेक्टर में बेहतर प्रदर्शन

रिपोर्ट के अनुसार, इस शानदार प्रदर्शन का मुख्य कारण बीएफएसआई, मेटल्स, ओएमसी को छोड़कर ऑयल एंड गैस, टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम सेक्टर रहे। दूसरी ओर, ओएमसी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। पिछले साल इसी अवधि में 162 अरब रुपए के मुनाफे के मुकाबले उन्हें 181 अरब रुपये का नुकसान हुआ।

रिपोर्ट के मुताबिक, सीमेंट और इंटरग्लोब एविएशन ने भी कुल कमाई के प्रदर्शन पर नकारात्मक असर डाला। निफ्टी ने सालाना आधार पर कर के बाद मुनाफा में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की, जो पिछले 10 तिमाहियों में सबसे अधिक है और मोतीलाल ओसवाल के 10 प्रतिशत के अनुमान से काफी बेहतर है।

मिडकैप कंपनियों के आय में बढ़ोतरी

मार्केट कैप के अलग-अलग वर्गों में भी आय वृद्धि अनुमान से बेहतर रही। एमओएफएसएल यूनिवर्स की लार्ज-कैप कंपनियों की आय में सालाना आधार पर 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि अनुमान 14 प्रतिशत का था।

मिड-कैप कंपनियों की आय में 23 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 11 तिमाहियों का उच्चतम स्तर है। वहीं, स्मॉल-कैप कंपनियों की आय में 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि ब्रोकरेज का अनुमान 22 प्रतिशत था।

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