Samrat Choudhary Tobacco Controversy Viral Video: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक छोटा सा वीडियो क्लिप बड़े विवाद का कारण बन गया है। मामला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जुड़ा है, जिनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने तीखा तंज कसा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी करारा पलटवार करते हुए इसे 'दृष्टि दोष' कह दिया है। आइए जानते हैं कि आखिर उस मंच पर क्या हुआ था और इस पर इतनी राजनीति क्यों हो रही है।
दरअसल, यह पूरा मामला कुछ दिनों पहले पटना में आयोजित 'तिरंगा यात्रा' के दौरान का है। मंच पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अन्य नेताओं के साथ बैठे नजर आ रहे थे। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सम्राट चौधरी अपनी जेब से कोई चीज निकालते हैं, उसे चेहरे के पास ले जाते हैं और फिर अपने मुंह में रख लेते हैं। इस क्लिप के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर दावों और कमेंट्स की बाढ़ आ गई कि आखिर मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच पर क्या खाया है।
इस वीडियो को हथियार बनाकर राजद ने सरकार पर निशाना साधने में देर नहीं की। राजद की प्रवक्ता प्रियंका भारती ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा 'वैधानिक चेतावनी- खैनी, गुटखा और तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है'। राजद के इस ट्वीट ने आग में घी डालने का काम किया और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि क्या मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से तंबाकू का सेवन कर रहे थे।
विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी ने मोर्चा संभालते हुए राजद को आड़े हाथों लिया है। बीजेपी की प्रदेश महामंत्री और प्रवक्ता डॉ. प्रीति ने साफ किया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तंबाकू या खैनी का सेवन बिल्कुल नहीं करते हैं। उन्होंने राजद पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लालू प्रसाद यादव की पार्टी के प्रवक्ताओं का 'दृष्टि दोष' है, जिन्हें तंबाकू और लौंग के बीच का अंतर समझ नहीं आता।
डॉ. प्रीति ने स्पष्ट किया कि जो लोग वक्ता होते हैं, वे अक्सर अपने गले को ठीक रखने के लिए लौंग और इलायची का सेवन करते हैं, और यह कोई प्रतिबंधित चीज नहीं है।
बीजेपी यहीं नहीं रुकी। डॉ. प्रीति ने राजद नेताओं को पुरानी यादें ताजा कराते हुए कहा कि जो लोग आईएएस अधिकारियों के हाथ में पीकदान थमाकर थूकने वाले नेताओं (लालू प्रसाद यादव) की पार्टी से जुड़े हैं, उन्हें मु्द्दों पर बात करनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या गले के लिए लौंग खाना कोई बुरी बात है? बीजेपी का तर्क है कि सम्राट चौधरी एक वक्ता के तौर पर अपनी आवाज और गले की सेहत के लिए प्राकृतिक चीजों का उपयोग कर रहे थे, जिसे राजद ने गलत तरीके से पेश किया है।
फिलहाल, यह वीडियो और इस पर शुरू हुई जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। जहां एक तरफ राजद इसे नैतिकता और स्वास्थ्य से जोड़कर पेश कर रहा है, वहीं बीजेपी इसे मुख्यमंत्री की छवि खराब करने की साजिश बता रही है। बिहार की इस डिजिटल जंग ने यह साफ कर दिया है कि चुनाव हो या न हो, यहां की राजनीति में छोटे से छोटे वीडियो पर भी बड़ा धमाका होना तय है।