ट्रेन में लूट करती पुलिस। इमेज-प्रतीकात्मक, आई 
बिहार

बिहार में रेलवे पुलिस ने ही ट्रेन में की लूट, सांसद ने शिकायत की तो थाना प्रभारी हुआ गिरफ्तार

Bihar News: बिहार में रेलवे पुलिस का बड़ा कारनामा सामने आया है। एक स्वर्ण व्यापारी के कर्मी से 1.44 करोड़ रुपये का सोना लूट लिया। जब सांसद ने डीजीपी के सामने मामला उठाया तो पूरी वारदात उजागर हुई।

रंजन कुमार

Bihar Crime News: बिहार में पैसे के लालच में थानेदार और चार सिपाहियों ने वर्दी की मर्यादा को तार-तार कर दिया। थानेदार पर 4 सिपाहियों के साथ मिलकर हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस में आभूषण व्यापारी के कर्मचारी से 1.44 करोड़ रुपये के सोने की बिस्कुट लूटने का आरोप है। लूटपाट के अलावा पुलिस वालों ने पीड़ित की पिटाई भी की।

खगड़िया सांसद राजेश वर्मा के माध्यम से जब मामला पटना के वरीय पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचा तो हड़कंप मच गया। मामला प्रकाश में आने के बाद गयाजी के रेल थाना प्रभारी राजेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। चारों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। इस प्रकरण में पुलिस को दो दलालों की तलाश है।

कर्मचारी कानपुर लेकर जा रहा था सोना

कोलकाता के एक बड़े स्वर्ण व्यवसायी का कारोबार देश के कई हिस्सों में है। उनका एक कर्मचारी धनंजय शाश्वत एक किलो सोने के बिस्कुट लेकर जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस से कानपुर जा रहा था। ट्रेन जब गयाजी रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो थानेदार, सिपाही और दो लोगों ने कर्मी से जबरन सोने के बिस्कुट लूट लिए। पीड़ित की पिटाई की और उसे डराया धमकाया। गया जी स्टेशन से ट्रेन के आगे बढ़ने पर धनंजय ने घटना की पूरी जानकारी मालिक को दी।

3 डीएसपी की अगुवाई में एसआईटी का हुआ गठन

व्यवसायी ने कोलकाता में शिकायत दर्ज कराई और खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा को पूरी घटना बताई। दरअसल, राजेश का परिवार भी सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा हआ है। उनका संबंध कोलकाता के कारोबारियों से है। सांसद ने पूरे घटनाक्रम को डीजीपी विनय कुमार के समक्ष रखा। उन्होंने तत्काल 3 डीएसपी की अगुवाई में एक एसआईटी का गठन किया।

निलंबित सिपाही फरार

रेलवे पुलिस के एसपी ने पूरे मामले की निगरानी की। जांच में पाया गया कि लूटपाट को थानाध्यक्ष की मिलीभगत से अंजाम दिया गया था। थानाध्यक्ष के कहने पर 4 सिपाही और दो लोगों ने लूटपाट की। मामले का खुलासा होने के बाद थानाध्यक्ष राजेश सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, निलंबित सिपाही करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजन कुमार और आनंद मोहन फरार हैं। वारदात में शामिल दो अन्य परवेज आलम और सीताराम सिंह की भी तलाश की जा रही है।

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