प्रशांत किशोर से मुलाकात के लिए देनी होगी फीस (फोटो- सोशल मीडिया) 
बिहार

अब फ्री में नहीं मिलेंगे प्रशांत किशोर, मुलाकात के लिए देनी होगी फिक्स फीस, जानिये क्या है नई शर्त

Bihar विधानसभा के नतीजों के बाद जन सुराज पार्टी के प्रमुख Prashant Kishor ने एक ऐसा ऐलान किया जिसने सभी को चौंका दिया है। करारी हार के बाद उन्होंने अपने मिशन को फंड लेने के लिए अब नई पहल शुरू की है।

सौरभ शर्मा

Prashant Kishor Meeting Fee: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने एक ऐसा ऐलान कर दिया है जिसने सभी को चौंका दिया है। अगर आप पीके से मिलना चाहते हैं तो अब यह मुलाकात मुफ्त में नहीं होगी। पार्टी को चलाने और फंड जुटाने के मकसद से उन्होंने तय किया है कि वह अब सिर्फ उन्हीं लोगों से मिलेंगे जो पार्टी को चंदा देंगे। यह फैसला चुनाव में मिली करारी हार के बाद लिया गया है ताकि संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सके और आंदोलन जारी रहे।

प्रशांत किशोर ने साफ कर दिया है कि पैसों की कमी की वजह से वह बिहार में व्यवस्था परिवर्तन की अपनी मुहिम को रुकने नहीं देंगे। उन्होंने घोषणा की है कि 15 जनवरी से जन सुराज पार्टी नए सिरे से अपना अभियान शुरू करेगी। इस मुहिम को धार देने के लिए संसाधन जुटाना जरूरी है। इसी कड़ी में उन्होंने शर्त रखी है कि वह भविष्य में केवल उन लोगों से मुलाकात करेंगे जो जन सुराज पार्टी को साल भर में कम से कम एक हजार रुपये का चंदा देंगे। यह कदम पार्टी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उठाया गया है।

सारी संपत्ति कर दी दान

जन सुराज के लिए सिर्फ समर्थकों से ही नहीं, बल्कि खुद प्रशांत किशोर ने भी बड़ा त्याग किया है। उन्होंने ऐलान किया कि पिछले 20 सालों में अर्जित अपनी सारी चल और अचल संपत्ति वह पार्टी को दान कर रहे हैं। अपने परिवार के रहने के लिए उन्होंने दिल्ली में सिर्फ एक घर अपने पास रखा है। इतना ही नहीं, प्रशांत ने यह भी कहा है कि आने वाले पांच सालों में वह सलाहकार के काम से जो भी कमाई करेंगे, उसका 90 फीसदी हिस्सा भी जन सुराज पार्टी को ही डोनेट कर देंगे ताकि बिहार के विकास का सपना पूरा हो सके।

हार के बाद भी नहीं हारी हिम्मत

बिहार चुनाव में जन सुराज ने 238 सीटों पर चुनाव लड़ा और 3.34 प्रतिशत वोट हासिल किए, लेकिन पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई। आंकड़ों के मुताबिक 243 सीटों पर खड़े उम्मीदवारों में से कई की जमानत जब्त हुई या पर्चा रद्द हुआ। हालांकि, 35 सीटों पर पार्टी को जीत-हार के अंतर से ज्यादा वोट मिले। इस हार के बाद प्रशांत ने चंपारण के गांधी आश्रम में पश्चाताप के लिए 24 घंटे का उपवास भी रखा। उपवास खत्म होने के बाद उन्होंने कहा कि 15 जनवरी से कार्यकर्ता हर वार्ड में जाकर सरकार के वादों के मुताबिक महिलाओं से 10 हजार और 2 लाख रुपये के फॉर्म भरवाएंगे।

BRICS Summit 2026 LIVE: PM नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समापन की घोषणा की

BRICS Summit 2026: शी जिनपिंग ने AI, ट्रेड और डिजिटल इकोसिस्टम समेत 5 नई पहलों का किया प्रस्ताव

BRICS Summit: पीएम मोदी और मिस्र के राष्ट्रपति अल सिसी में द्विपक्षीय वार्ता, नई दिल्ली घोषणापत्र पर लगी मुहर

Siddiq Ahmed Death: असम के पूर्व मंत्री सिद्दीक अहमद का निधन, 63 साल की उम्र में कैंसर से हारी जंग

AMU इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस: स्मार्ट एनेस्थीसिया-AI तकनीक से सुरक्षित होगी सर्जरी, विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव