प्रशांत किशोर और ओवैसी के बीच बयानबाजी का दौर (फोटो- सोशल मीडिया) 
बिहार

सलाह अपने पास रखें... प्रशांत किशोर ने ओवैसी को ऐसा क्या कहा कि भड़क गई AIMIM? पठान ने दिया जवाब

Bihar Assembly Election की सरगर्मियां तेज है और इसी के साथ बयानों का तीखा दौर भी शुरू हो गया है। ताजा मामला जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के बीच का है।

सौरभ शर्मा

Prashant Kishor vs Asaduddin Owaisi in Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं और इसी के साथ बयानों का तीखा दौर भी शुरू हो गया है। ताजा मामला जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के बीच का है। प्रशांत किशोर ने ओवैसी को एक सलाह दी, जो AIMIM को इतनी नागवार गुजरी कि पार्टी ने तीखा पलटवार कर दिया। AIMIM का कहना है कि प्रशांत किशोर अपनी राजनीतिक छवि चमकाने के लिए सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।

यह जुबानी जंग ऐसे समय में हो रही है जब बिहार में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। AIMIM यानी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने 25 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। वहीं, दूसरी तरफ प्रशांत किशोर की जन सुराज ने भी बड़ा दांव चलते हुए राज्य की सभी 243 सीटों पर अपना दावा पेश किया है। बिहार में दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को मतदान होंगे और 14 नवंबर को मतगणना की जाएगी।

पेट में दर्द होने लगा है: वारिस पठान

प्रशांत किशोर की सलाह पर AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने जमकर हमला बोला उन्होंने कहा, 'दुनिया में सबसे आसान काम सलाह देना है। मैं प्रशांत किशोर से कहना चाहता हूं कि अपनी सलाह अपने पास ही रखें।' पठान ने यहां तक कह दिया कि प्रशांत किशोर खुद डरे हुए हैं, इसीलिए चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'प्रशांत किशोर हों, राजद हो, कांग्रेस हो या जदयू हो, सीमांचल में ओवैसी की यात्रा में लाखों लोगों को देखने के बाद इन लोगों के पेट में दर्द होने लगा है।' वारिस पठान ने आरोप लगाया कि किशोर सिर्फ ओवैसी के नाम का इस्तेमाल कर अपनी राजनीतिक छवि मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह उनका डर और घबराहट दिखा रहा है।

प्रशांत किशोर ने क्या दी थी सलाह?

दरअसल, जन सुराज नेता प्रशांत किशोर ने हाल ही में असदुद्दीन ओवैसी को लेकर एक बयान दिया था। किशोर ने कहा था, 'ओवैसी साहब मेरे दोस्त हैं, लेकिन मेरी सलाह है कि उन्हें हैदराबाद संभालना चाहिए। अपना गढ़ हैदराबाद संभालें और सीमांचल आकर बेवजह कंफ्यूजन न बढ़ाएं।' प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि अगर वह हैदराबाद संभालते और वहां के मुसलमानों का भला करते, तो अच्छा होता। उन्होंने सीमांचल के मुसलमानों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें 2020 में की गई गलती को नहीं दोहराना चाहिए और यहां हैदराबाद से लाकर नेता को स्थापित करने की जरूरत नहीं है।

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