Nitish Kumar Standing Committee on Railways: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार रेलवे की पार्लियामेंट्री स्टैंडिंग कमेटी का हिस्सा नहीं होंगे। लोकसभा सेक्रेटेरिएट की तरफ से जारी एक नोटिस में कहा गया है कि राज्यसभा के सदस्य नीतीश कुमार का रेलवे की स्टैंडिंग कमेटी में नॉमिनेशन, जिसे लोकसभा बुलेटिन - पार्ट II, तारीख 04.06.2026 के पैरा नंबर 5267 के जरिए नोटिफाई किया गया था अब वह वापस लिया जाता है। गौरतलब है नीतीश कुमार इस साल अप्रैल में राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली थी।
रेलवे की स्टैंडिंग कमेटी में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य होते हैं, जो लोकसभा के एडमिनिस्ट्रेटिव दायरे में आती है। नीतीश कुमार जुलाई 1998 से अगस्त 1999 के बीच, जब उन्होंने गैसल ट्रेन हादसे के बाद इस्तीफा दे दिया था, और मार्च 2001 से मई 2004 के बीच एक साल से थोड़ा ज्यादा समय तक रेल मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं।
बतौर रेल मंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल के दौरान भारतीय रेलवे में कई अहम बदलाव किए। साल 2002 में तत्काल बुकिंग और इंटरनेट बुकिंग की सुविधा जैसी पहल शुरू करने का क्रेडिट भी उन्हीं को दिया जाता है। आमतौर पर पूर्व प्रधानमंत्री या सोनिया गांधी जैसे बड़े नेता पार्लियामेंट्री पैनल के सदस्य बनने से बचते हैं। पूर्व PM मनमोहन सिंह पद छोड़ने के बाद किसी भी कमेटी में शामिल नहीं हुए। अटल बिहारी वाजपेयी ने भी 2004 में BJP के सत्ता खोने के बाद ऐसा ही किया था।
कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चीफ सोनिया गांधी कभी भी किसी स्टैंडिंग कमेटी में शामिल नहीं हुई हैं। हालांकि, राहुल गांधी 2024 में विपक्ष के नेता बनने से पहले गृह, मानव संसाधन विकास, बाहरी मामलों और रक्षा मामलों की स्टैंडिंग कमेटियों के सदस्य रह चुके हैं।
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इस बीच, राज्यसभा के 39 सांसदों को दोनों सदनों की 19 संसदीय समितियों की सदस्यता के लिए मनोनीत किया गया है। इनमें प्रमुख नाम महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार का है, जिन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण संबंधी स्थायी समिति में मनोनीत किया गया है। कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को विदेश मामलों की स्थायी समिति में एनसीपी सांसद पार्थ पवार (दिवंगत एनसीपी नेता अजीत पवार के पुत्र) को रक्षा समिति में जबकि टीएमसी सांसद और सुप्रीम कोर्ट की वकील मेनका गुरुस्वामी को कार्मिक, लोक शिकायत, कानून और न्याय संबंधी समिति में मनोनीत किया गया है।