नीलम देवी को राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य पद से हटाया गया।
राज्य मंत्री का दर्जा समाप्त, पटना स्थित सरकारी बंगला 25 नवंबर तक खाली करने का नोटिस।
जेडीयू ने अनंत सिंह और नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया था।
Neelam Devi Minister Status Ended: बिहार में मोकामा के विधायक अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी पर सरकार ने कार्रवाई की है। उन्हें राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के सदस्य पद से हटा दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें मिला राज्य मंत्री का दर्जा भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें पटना के 1 मॉल रोड स्थित सरकारी बंगले को खाली करने का नोटिस भी दिया है। उन्हें 25 नवंबर तक आवास खाली करना होगा। फिलहाल इसी बंगले में अनंत सिंह और उनका परिवार रह रहा है।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, नीलम देवी को समिति के सदस्य पद से मुक्त कर दिया गया है। इसके बाद उन्हें मिलने वाली मंत्री दर्जे से जुड़ी सुविधाएं भी समाप्त हो गई हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अनंत सिंह और नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह और नीलम देवी की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने की घोषणा की थी। पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष से संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की है। हालांकि, सदस्यता पर अंतिम फैसला विधानसभा अध्यक्ष को करना है।
जेडीयू के मुताबिक, हालिया बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान अनंत सिंह और नीलम देवी ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। पार्टी ने इसे दल-विरोधी गतिविधि माना। इसके अलावा अनंत सिंह पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ अपमानजनक और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया।
नीलम देवी ने फरवरी 2024 में बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार सरकार के विश्वास मत के दौरान आरजेडी के बजाय एनडीए सरकार के पक्ष में मतदान किया था। उस समय उनके इस फैसले को सरकार के बहुमत के लिहाज से अहम माना गया था। इसके बाद उन्हें राज्य स्तरीय कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति में जगह और राज्य मंत्री का दर्जा मिला था।
अब पार्टी से निष्कासन के बाद सरकार ने उनका पद और मंत्री दर्जा वापस ले लिया है। साथ ही, सरकारी बंगला खाली करने के लिए 25 नवंबर की समयसीमा तय की गई है।