JDU Leader Shyam Rajak On Reservation: बिहार में आरक्षण के मुद्दे पर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य की एनडीए सरकार में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के सीनियर नेता ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। फुलवारी विधानसभा सीट से विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने आरक्षण व्यवस्था में किसी भी तरह की समीक्षा या बदलाव की बात का कड़ा विरोध किया है।
जदयू नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आरक्षण में किसी भी तरह का छेड़छाड़ होता, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। श्याम रजक की ओर से यह बयान इस समय आया जब राजधानी पटना में भी आर्मी के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सीएम आवास समेत संवेदनशील इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
श्याम रजक ने स्पष्ट करते हुए कहा कि मौजूदा प्रदर्शन आरक्षण के मुद्दे पर नहीं है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है। वहीं, पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सराकर ने छात्रों के कई मांगों को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जहां भी किसी परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया में किसी भी गड़बड़ी की शिकायत की जांच होनी चाहिए। वहीं, आरक्षण के मुद्दे पर उनके इस बयान से बिहार की सियासत में बहस और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
आपको बताते चले कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बीते गुरुवार को दिल्ली में 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' के सदस्यों से मुलाकात की थी। इससे कुछ दिनों पहले बड़ी संख्या में लोगों ने आरक्षण के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जाति को आधार बनाए जाने के बजया आर्थिक आधार पर आरक्षण आर अन्य सरकारी सहायता देने की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'आरक्षण हटाओ आंदोलन' नाम के पेज से किए गए आह्वान पर 21 अगस्त को यह प्रदर्शन हुआ था।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने कोटा पॉलिसी के रिव्यू की मांग करके बहस छेड़ दी है। उन्होंने आरक्षण में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के सब-कैटेगराइजेशन (कोटे के अंदर कोटा) का समर्थन किया है। वहीं, एनडीए के एक और सहयोगी चिराग पासवान ने SC/ST सब-कैटेगराइजेशन और क्रीमी लेयर को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध किया है।
चिराग पासवान ने कहा कि हम SC/ST सब-कैटेगराइजेशन और क्रीमी लेयर को हटाने, दोनों के खिलाफ हैं, सिर्फ इसलिए कि SC/ST को कोटा उनकी छुआछूत या सामाजिक भेदभाव के आधार पर दिया गया था, न कि आर्थिक आधार पर। जब इस देश में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ भेदभाव हो सकता है, तो सब-कैटेगराइजेशन की बात का कोई मतलब नहीं बनता।