CM Samrat Choudhary Jamui Incident: बिहार के जमुई में हुई छेड़छाड़ की घटना के बाद पीड़िता और उसके परिजनों की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। पीड़िता की पहचान उजागर होने और निजता प्रभावित होने के गंभीर मामले को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के आशुलिपिक सागर प्रसाद के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोप है कि सागर प्रसाद द्वारा ही एक्स (X) प्लेटफॉर्म पर यह फोटो अपलोड की गई थी। हालांकि विवाद बढ़ता देख बाद में पोस्ट को हटा लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष बेहद आक्रामक है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और सांसद मीसा भारती ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाए हैं। मीसा भारती ने खुद सचिवालय थाना पहुंचकर मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वही मुख्यमंत्री ने परिजनों को स्पीडी ट्रायल के जरिए त्वरित न्याय का भरोसा दिया है।
दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पोस्ट वायरल होने से नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की निजता व गरिमा प्रभावित हुई।
शिकायत के अनुसार, सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा किए जाने से पीड़िता की पहचान उजागर होने की स्थिति बनी, जो संवेदनशील मामलों में लागू गोपनीयता सिद्धांतों के विपरीत बताया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि CMO कार्यालय के आशुलिपिक सागर प्रसाद ने कथित तौर पर पीड़िता की तस्वीर एक्स (X) प्लेटफॉर्म पर अपलोड की। शिकायतकर्ताओं ने इस आधार पर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
विपक्षी नेताओं का दावा है कि संबंधित तस्वीर पहले मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से सार्वजनिक की गई थी।
उनका आरोप है कि ऐसा करना पीड़ित परिवार की पहचान उजागर करने के समान है। यह आरोप विपक्ष की ओर से लगाया गया है और मामला सार्वजनिक बहस का विषय बना हुआ है।
आरजेडी सांसद मीसा भारती शुक्रवार शाम पटना के सचिवालय थाना पहुंचीं। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ शिकायत देते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया।
मीसा भारती का आरोप है कि जमुई मामले की पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से सार्वजनिक की गई थी।
मीसा भारती ने कहा कि तस्वीर बाद में सोशल मीडिया से हटा दी गई, लेकिन उससे पहले वह सार्वजनिक हो चुकी थी। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी इस तस्वीर को लेकर सवाल उठाए थे और मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
दरअसल, जमुई मामले की पीड़िता गुरुवार को अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने पहुंची थी।
अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने परिवार को जल्द न्याय और स्पीडी ट्रायल के जरिए दोषियों को कड़ी सजा दिलाने का भरोसा दिया। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल पर परिवार के साथ तस्वीर साझा की गई, जिसे बाद में हटा लिया गया।