केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह  (सोर्स- सोशल मीडिया)
बिहार

नरेंद्र मोदी के समर्थन से लेकर केंद्र में मंत्री बनने तक, जानिए गिरिराज सिंह के राजनीतिक सफर की कहानी

Giriraj Singh Political Career: गिरिराज सिंह आज 74वां जन्मदिन मना रहे हैं। बेगूसराय सांसद और केंद्रीय मंत्री का राजनीतिक सफर, नरेंद्र मोदी से करीबी, विवादित बयान और सनातन समर्थक छवि चर्चा में रही है।

अक्षय साहू

Giriraj Singh 74th Birthday: भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह आज (8 सितंबर) को अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं। बिहार के बेगूसराय लोकसभा सीट से सांसद गिरिराज सिंह की पहचान फायरब्रांड हिंदू नेता के तौर पर है। वो अक्सर अपने बयानों के चलते चर्चा में रहते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी और कट्टर समर्थक माना जाता है। 

माना जाता है कि गिरिराज सिंह बीजेपी के उन नेताओं में से एक हैं, जो 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले ये समझ चुके थे कि पार्टी का आने वाला भविष्य उस वक्त के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द होने वाला है। यही कारण है कि गिरिराज ने प्रधानमंत्री उम्मीदवार के तौर पर नरेंद्र मोदी का समर्थन 2014 आम चुनाव से पहले से ही करना शुरू कर दिया था।

नीतीश सरकार में काम करने का लंबा अनुभव

गिरिराज सिंह का जन्म बिहार के लखीसराय जिले के बरहिया कस्बे में रामावतार सिंह और तारा देवी के घर हुआ था। उन्होंने 1971 में मगध विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। गिरिराज सिंह वर्तमान में भारत के कपड़ा मंत्री के पद पर कार्यरत हैं। गिरिराज के पास राजनीति का लंबा अनुभव है, इससे पहले वो 2002 से मई 2014 तक बिहार विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। उन्होंने 2005 से 2010 तक नीतीश कुमार की सरकार में सहकारिता मंत्री और 2010 से 2013 तक पशुपालन मंत्री के रूप में काम किया है। 

प्रधानमंत्री मोदी के करीबी माने जाते हैं गिरिराज सिंह

गिरिराज ने 2019 के लोकसभा चुनाव में कन्हैया कुमार को हराकर नवगठित पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री बने। इसके बाद जुलाई 2021 में मंत्रिमंडल फेरबदल के बाद वे नरेंद्र सिंह तोमर की जगह दूसरे मोदी मंत्रालय में ग्रामीण विकास मंत्री और पंचायती राज मंत्री बने। वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में बेगूसराय सीट से 81,480 वोटों की बंपर जीत हासिल करने के बाद उन्हें कपड़ा मंत्री बनाया गया।

रैली में लोगों को बुलाकर खुद नदारद रहे

गिरिराज सिंह को कई बार उनके बयानों के चलते आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। 2019 में उन्होंने एक ऐसा ही बयान दिया था, जिसे लेकर उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। दरअसल, 3 मार्च 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना के प्रसिद्ध गांधी मैदान में संकल्प रैली करने वाले थे।

2019 में पीएम मोदी ने पटना में की थी संकल्प रैली

इसे लेकर गिरिराज सिंह ने कहा कि जो कोई भी प्रधानमंत्री मोदी की रैली में शामिल नहीं होगा, वह देशद्रोही है। इतना ही नहीं उन्होंने साफ कहा कि इस रैली से पता चल जाएगा कि कौन-कौन पाकिस्तान के साथ है। इसे लेकर विपक्ष के साथ-साथ बिहार में बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने भी आपत्ति जताई थी।

दिलचस्प बात यह है कि गिरिराज सिंह खुद संकल्प रैली से नदारद रहे। जिसे लेकर उनकी बहुत आलोचना हुई थी। इसके बाद उन्होंने तीन मार्च को एक ट्वीट किया। ट्वीट में उन्होंने कहा कि दो दिन पहले नवादा से पटना आते समय वह अस्वस्थ हो गया। इसके चलते नरेंद्र मोदी की संकल्प रैली में शामिल नहीं हो सका।

सनातन के लिए बदल लिया अपना नाम 

गिरिराज सिंह की पहचान सनातन के प्रबल समर्थक के तौर पर भी है। इसके चलते उन्होंने अपना नाम तक बदल लिया। 24 सितंबर 2018 को उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि देश बचाने के लिए सनातन को बचाना होगा। आज से हम अपना नाम ऋषि शांडिल्य जी के नाम से जोड़ते हुए शांडिल्य गिरिराज सिंह करते हैं। 

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