Bihar Liquor Ban Latest Update: बिहार में शराबबंदी के लागू हुए 10 साल बीत जाने के बाद भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। जिसके बाद अब सम्राट चौधरी की नेतृत्व वाली सरकार अब और सख्त कदम उठाने जा रही है। बिहार में अवैध रूप से शराब बिक्री और तस्करी पर पूरी तरह से नकेल कसने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इस मामले में अब मद्य निषेध अधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के मंत्री मदन सहनी ने गुरुवार को जानकारी देते हुए कहा कि शराबबंदी कानून में कोई राहत नहीं मिलने वाला है और न ही सरकार इसमें संशोधन करने वाली है।
मंत्री मदन सहनी ने आगे कहा कि अगर राज्य में किसी कंपनी की विदेशी शराब मिलती है, तो उस कंपनी के खिलाफ भी एक्शन लिया जाएगा। उस कंपनी के मालिक को भी कानूनी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ेगा।
अवैध शराब के खिलाफ सरकार की सख्त नीति के बारे में बात करते हुए मदन सहनी ने कहा कि हाल ही पटना में बड़ी मात्रा में शराब जब्त हुई थी, उसमें कंपनी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया। पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कार्यालय में गुरुवा को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मदन सहनी ने कहा कि शराब की तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सरकार लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। कानून के खिलाफ काम करने वाला व्यक्ति कोई भी हो, उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
बिहार में शराबबंदी को लेकर उठ रहे सवालों पर सरकार ने साफ कर दिया है कि इमसें किसी भी तरह के बदला या समीक्षा की कोई आवश्यकता नहीं है। मद्य निषेध मंत्री ने कहा कि विभाग समय-समय पर कानून का समीक्षा और आकलन कर रहा है। पिछले महीने में ही रिव्यू किया गया था।
बिहार में शराबबंदी कानूनी के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले 10 साल से बिहार में यह व्यवस्था लागू है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे रणनीतिक रूप से लागू किया था। इस कानून को अमल में लाने से पहले राज्य के लोगों के हितों का ध्यान रखा गया था। उनकी मंशा थी की घर में रहने वाली महिलाओं, दलित आदिवासी और अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को भला सके। मंत्री का दावा है कि सरकार को इसमें बहुत हद तक सफलता भी मिली है।
मदन सहनी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दिहाड़ी और मजदूर कर घर चलाने वाले भी अपनी कमाई का आधा हिस्सा शराब पीने में खर्च कर देते हैं। हालांकि, जब से राज्य में शराबबंदी कानून लागू हुआ है, तब से परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।