बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
बिहार

BPSC TRE-4 में अब नहीं होंगी दो परीक्षाएं, छात्रों के विरोध के आगे झुकी सम्राट सरकार; आया बड़ा फैसला

BPSC TRE-4 Exams: बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में अब एक ही चरण में एग्जाम लिया जाएगा।

मनोज आर्या

Bihar Government on BPSC TRE-4 Exams: बीपीएससी टीआरई-4 परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा में अब एक ही चरण में एग्जाम लिया जाएगा। छात्रों के विरोध के बीच गुरुवार, 27 अगस्त, 2026 को मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए इस बात की जानकारी दी है।

इससे पहले बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली बीपीएससी टीआरआई-4 प्रिलिम्स और मेंस की परीक्षा होनी थी। इसी को लेकर बड़े पैमान पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था। जहां राजधानी पटना में सीएम आवास घेरावा के दौरान छात्रों और बिहार पुलिस के बीच झड़प हुई थी।

एक्स पर पोस्ट में सीएम ने क्या कहा?

एक्स पोस्ट में सीएम सम्राट चौधरी ने लिखा कि छात्रों की मांगों को लेकर सरकार शुरू से ही गंभीर रही है। अब छात्रों की मांगों के संबंध में निर्णय लिया गया है कि इस बार की TRE-4 परीक्षा एक ही चरण में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही 9 अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। राज्य सरकार ने विभिन्न परीक्षाओं में सुधार के लिए सुझाव देने हेतु 'परीक्षा सुधार पर एक विशेषज्ञ समिति' का गठन किया है।

'30 दिनों के भीतर छात्रों का समाधान'

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित यह समिति विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित छात्रों की शिकायतों की भी सुनवाई करेगी। सरकार ने छात्रों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 'विद्यार्थी सहयोग पोर्टल' एवं 'विद्यार्थी सहयोग शिविर' की शुरुआत की है। इसके माध्यम से छात्रों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर किया जा रहा है।

छात्र और सरकार के बीच इन बिंदुओं पर सहमति

  • TRE-4 भर्ती प्रक्रिया में केवल एक ही परीक्षा होगा और एक अभ्यर्थी एक रिजल्ट के संदर्भ में नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने का फैसला लिया जाएगा।

  • 70वीं BPSC की पारदर्शिता के साथ जांच समिति से जांच होने, बिहार कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित तमाम भर्ती परीक्षा समय पर होने, 1799 दारोगा बहाली परीक्षा की जांच, सहायक प्राध्यापक से पहले बिहार पात्रता परीक्षा BET के संदर्भ में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि परीक्षा सुधार के संबंध में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित होने वाली कमेटी के समक्ष शिकायतकर्ता साक्ष्य सहित अपना पक्ष अथवा सुझाव रखेंगे। कमेटी के निर्णयानुसार कार्रवाई की जाएगी।

  • लाइब्रेरियन की बहाली जल्द शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

  • संविदा कर्मियों को दिया जाने वाला अंक एवं वेटेज देने की स्थिति में अलग कोटे के निर्धारण के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी।

  • बिहार के सभी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम डोमिसाइल नीति लागू होगी।

  • भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम उम्र सीमा के मुद्दों का प्रस्ताव कमेटी में रखा जाएगा।

  • भर्ती प्रक्रियाओं का कैलेंडर जारी करते हुए सख्ती से उसका अनुपालन होगा।

  • बीपीएससी की तर्ज पर आयोजित तमाम भर्ती प्रक्रियाओं का प्रश्न पत्र, ओएमआर शीट एवं उत्तर पुस्तिका की पारदर्शिता अनिवार्य करने के लिए कमेटी के सामने प्रस्ताव रखा जाएगा।

  • बीपीएससी के माध्यम से आयोजित एईडीओ, सेनेटरी आदि परीक्षा के पेपर लीक की निष्पक्ष जांच ईओयू करेगी।

  • सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

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