तेजस्वी यादव ने कल बुलाई RJD के विधायकों की बैठक (फोटो- सोशल मीडिया) 
बिहार

हार के बाद RJD का एक्शन मोड, तेजस्वी ने पटना में बुलाई विधायकों और हारे प्रत्याशियों की बड़ी बैठक

Bihar Election में मिली अप्रत्याशित हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में मंथन का दौर शुरू हो गया है। पार्टी की सीटों का 75 से घटकर 25 पर सिमट जाना तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ा झटका है।

सौरभ शर्मा

Bihar election Result RJD Review Meeting: बिहार चुनाव में मिली अप्रत्याशित हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में मंथन का दौर शुरू हो गया है। पार्टी की सीटों का 75 से घटकर 25 पर सिमट जाना तेजस्वी यादव के लिए एक बड़ा झटका है। इस करारी शिकस्त के कारणों की समीक्षा के लिए, तेजस्वी यादव ने सोमवार को पटना में एक अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ-साथ हारे हुए प्रत्याशियों को भी बुलाया गया है, जहां हार के हर पहलू पर चर्चा होगी।

यह महत्वपूर्ण बैठक सोमवार दोपहर करीब 2 बजे तेजस्वी यादव के पटना स्थित 1 पोलो रोड आवास पर होगी। बैठक का मुख्य एजेंडा चुनावी परिणामों की विस्तृत समीक्षा करना और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा करना है। गौरतलब है कि इस चुनाव में सत्तारूढ़ राजग ने महागठबंधन को करारी शिकस्त देते हुए सत्ता बरकरार रखी है। इस जीत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक पकड़ को और मजबूत किया है।

NDA की 'प्रचंड जीत' और महागठबंधन का 'फ्लॉप शो'

इस बार के विधानसभा चुनाव में NDA ने 243 सदस्यीय विधानसभा में "200 पार" करते हुए तीन-चौथाई बहुमत का आंकड़ा छू लिया। भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, और गठबंधन के प्रमुख घटकों भाजपा और जदयू ने लगभग 85 प्रतिशत की सफलता दर हासिल की। इसकी तुलना में, महागठबंधन इस बार केवल 35 सीटें ही जीत सका, जो 2020 के 110 सीटों के आंकड़े से 75 सीटें कम है। इस बार राजद को 25, कांग्रेस को 6, भाकपा (माले) को 2 और आईआईपी को 1 सीट मिली है।

ओवैसी की दमदार एंट्री, तेजप्रताप की हार

वहीं, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने पांच सीटों पर कब्जा कर सीमांचल में अपनी मजबूत पैठ दिखाई है। बसपा के सतीश कुमार सिंह यादव ने भी रामगढ़ सीट पर भाजपा उम्मीदवार को 30 मतों के मामूली अंतर से हराकर जीत दर्ज की। लालू परिवार के लिए भी नतीजे मिले-जुले रहे। तेजस्वी यादव ने राघोपुर से अपनी सीट बचा ली, लेकिन उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव महुआ से अपनी नई नवेली पार्टी से हार गए। दूसरी ओर, महागठबंधन में उपमुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार रहे मुकेश सहनी की पार्टी वीआईपी का सूपड़ा साफ हो गया और उसके सभी 13 उम्मीदवार हार गए। भाकपा को भी इस बार कोई सीट नहीं मिली।

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