Pappu Yadav News: बिहार चुनाव की घोषणा के बाद से ही एनडीए और महागठबंधन सीटों के बंटवारे को लेकर आपस में उलझे हुए हैं। पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, महागठबंधन अभी तक सीटों के बंटवारे पर आम सहमति नहीं बना पाया है। गठबंधन के सहयोगियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद और कांग्रेस नेता पप्पू यादव ने सीटों के बंटवारे में देरी के लिए राजद को ज़िम्मेदार ठहराया है। पप्पू ने कहा, "अगर आप तकनीकी पेचीदगियों में उलझे रहेंगे, तो देरी होना लाज़मी है। मैं पहले भी कह चुका हूं कि आपको अपने सभी गठबंधन सहयोगियों का सम्मान करना चाहिए।"
पप्पू यादव ने कहा कि लालू यादव की राजद पहले जनता की पार्टी हुआ करती थी, लेकिन अब यह "तकनीकी पार्टी" बन गई है। उन्होंने पूछा, "जब रामबली सिंह यादव घोसी से भाकपा-माले के विधायक हैं, तो आप राहुल शर्मा को पार्टी में शामिल करके सस्पेंस क्यों बढ़ा रहे हैं?"
नरकटियागंज में कांग्रेस की एक सीट है, तो आप दूसरों का ज़िक्र क्यों कर रहे हैं? वे सीमांचल और कोसी में सीटें चाहते हैं। बताइए, पिछले चुनाव में सीमांचल में उन्होंने कितनी सीटें जीती थीं? मैं आपको बता दूं कि जब तक राहुल गांधी हैं, कांग्रेस का हक और सम्मान कोई नहीं छीन सकता।
महागठबंधन में सीटों के बंटवारे की घोषणा से पहले ही, भाकपा (माले) विधायक ने 16 अक्टूबर को घोसी से अपने नामांकन की घोषणा कर दी थी। अब, इस बात को लेकर अनिश्चितता है कि क्या राजद में शामिल हुए राहुल शर्मा चुनाव लड़ेंगे, और अगर लड़ेंगे, तो उन्हें कौन सी सीट मिलेगी।
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आपको बता दें कि राजद में शामिल हुए राहुल शर्मा 2010 में नीतीश कुमार की जदयू के टिकट पर विधायक बने थे। उनके पिता जगदीश शर्मा भी लगातार आठ बार घोसी से विधायक रहे थे। महागठबंधन में सीटों के बंटवारे की प्रक्रिया जारी है। सीटों के बंटवारे पर अभी भी सहमति नहीं बनने के कारण, तेजस्वी यादव आज राहुल गांधी से मिलने दिल्ली जाएंगे।