पटना में छात्रों का प्रदर्शन Source- IANS
बिहार

पटना में BPSC और दारोगा भर्ती रद्द करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे छात्र, भारी पुलिस बल तैनात

BPSC-Daroga Exam: पटना में BPSC 70वीं और दारोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने तथा BSSC की लंबित परीक्षाएं कराने की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया।

अर्पित शुक्ला

Bihar BPSC-Daroga Exam Protest: बिहार में दारोगा भर्ती, बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की लंबित परीक्षाओं समेत प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में छात्र-अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतर आए। गांधी मैदान से राजभवन मार्च के लिए निकले प्रदर्शनकारी छात्रों को पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास रोक दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की टीम तैनात रही। 

जेपी गोलंबर के पास रोके गए छात्र

प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए गांधी मैदान से राजभवन की ओर बढ़ रहे थे। जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्च को रोक दिया। इस दौरान कुछ अभ्यर्थी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारे लगाने लगे। इससे कुछ समय के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस द्वारा आगे जाने से रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों का एक समूह डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगा।

 दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग

हालांकि पुलिस ने वहां भी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। पटना पुलिस की ओर से लगातार अभ्यर्थियों को आगे नहीं बढ़ने की अपील की गई। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में 70वीं बीपीएससी परीक्षा और 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित कराने की मांग शामिल है।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि दोनों भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताएं हुई हैं। दरोगा भर्ती परीक्षा से जुड़े मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा की जा रही है।

बीपीएससी की 70वीं परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप

छात्रों का कहना है कि जब परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच चल रही है तो इसे रद्द कर नए सिरे से परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बीपीएससी की 70वीं परीक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं, लेकिन अब तक परीक्षा रद्द करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है। छात्रों का कहना है कि मामले की जांच के साथ-साथ अभ्यर्थियों के हित में स्पष्ट निर्णय लिया जाना चाहिए।

 गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग

इसके अलावा छात्रों ने बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) की लंबित परीक्षाओं को जल्द आयोजित कराने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि लंबे समय से विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया अटकी हुई है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही कथित गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार की ओर से जांच और कार्रवाई का आश्वासन तो दिया जाता है, लेकिन छात्रों के हित में ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है। छात्रों ने कहा कि इन्हीं समस्याओं के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

अभ्यर्थियों ने कहा कि सरकार निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। -एजेंसी इनपुट के साथ

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