मनेर एनकाउंटर में तीन आरोपियों की मौत के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल, सात पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज
मनेर थानेदार रजनीश कुमार समेत सात पुलिसकर्मी जांच के घेरे में, मनेर, दानापुर और शाहपुर में दर्ज हुए चार मुकदमे
मृतकों के परिजनों ने एनकाउंटर पर उठाए सवाल, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और CBI जांच की मांग की।
Maner Encounter Case Seven Policemen Under Investigation: बिहार की राजधानी पटना के मनेर में तीन कथित अपराधियों की पुलिस एनकाउंटर में मौत का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मुठभेड़ में तीन लोगों की मौत के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। मृतकों के परिजनों ने एनकाउंटर की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है। वहीं, मामले में पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।
इस मामले में मनेर, दानापुर और शाहपुर थानों में कुल चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मनेर थानेदार रजनीश कुमार समेत सात पुलिसकर्मी जांच के दायरे में आ गए हैं। पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़ के दौरान हुई घटनाओं की अब अलग-अलग पहलुओं से जांच की जा रही है।
इस मामले में मनेर के सर्किल इंस्पेक्टर अरविंद कुमार के आवेदन पर एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। इस मुकदमे के बाद मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। इनमें मनेर थानेदार रजनीश कुमार समेत कुल सात पुलिसकर्मी शामिल हैं।
वहीं, दूसरी ओर मनेर थानेदार रजनीश कुमार के बयान पर मुठभेड़ में मारे गए तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यानी इस मामले में एक तरफ पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जांच चल रही है, तो दूसरी तरफ मृतकों पर भी पुलिस की ओर से गंभीर आरोपों में केस दर्ज किया गया है।
तीनों मृतकों के परिजनों ने पुलिस की मुठभेड़ की कहानी पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि मौत की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकें। परिजनों ने मामले की जांच CBI से कराने की मांग भी उठाई है।
फिलहाल चार मुकदमों के दर्ज होने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि मुठभेड़ किन परिस्थितियों में हुई, पुलिस की कार्रवाई नियमानुसार थी या नहीं और तीनों की मौत के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।