Bihar Jamui Student Harassment Case: बिहार पुलिस ने जमुई कांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर किया है। पुलिस छात्र-छात्रा से बदसलूकी के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार करने के गई थी, जहां मुठभेड़ के दौरान नंदन यादव के पैर में गोली लगी है। वहीं मामले में फरार एक अन्य आरोपी हरेराम यादव का पैर टूटा गया है।
बिहार में जमुई जिले से हाल ही में एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी करते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने सियासी रंग लेना शुरू कर दिया था। विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पुराने बयानों का हवाला देते हुए राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा था। वहीं, बिहार पुलिस पर भी मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने का दबाव था। पुलिस ने नंदन समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बिहार के ADG लॉ एंड ऑर्डर सुहिता अनुपम ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुलिस सूचना के आधार पर नंदन यादव को गिरफ्तार करने पहुंची थी, पुलिस को देखते ही वह बचने के लिए भागने लगा। इसी दौरान पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई और उसके पैर में गोली लगी।
ADG सुहिता अनुपम ने आगे बताया कि, पुलिस नंदन यादव को गिरफ्तार कर अस्पताल ले गई, जहां उसका इलाज जारी है। उन्होंने कहा कि मामले के सभी आरोपी नाबालिग हैं। पुलिस ने जमुई में छात्रा से बदसलूकी के मामले के सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक इस मामले को लेकर पुलिस जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। प्राथमिकी में BNS की संबंधित धाराओं के साथ POCSO एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस ने वायरल वीडियो को आगे शेयर या प्रसारित नहीं करने की अपील की है और उसे हटवाने की प्रक्रिया शुरू की है।
जन सुराज पार्टी के फाउंडर और विधायक प्रशांत किशोर ने इस मामले में बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह बहुत डरावना और खौफनाक है। जिन लोगों ने खुद को सोशल मोरल पुलिस बनाकर एक नाबालिग लड़की के साथ ऐसा जुर्म किया, और फिर उसका वीडियो रिकॉर्ड करके जारी किया, इससे पता चलता है कि कहीं न कहीं समाज से सरकार का डर पूरी तरह खत्म हो गया है।
उन्होंने आगे कहा कि ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि उन्होंने सो-कॉल्ड भगवा स्कार्फ पहना हुआ है और खुद को सोशल पुलिस बना लिया है। यह बहुत दुख की बात है और डरावना है कि राज्य के मुख्यमंत्री हर दिन कहते हैं कि अगर कोई किसी को छूएगा, तो वह अगले दिन इस्तीफा दे देंगे। यह घटना तीन-चार दिन पहले हुई थी, फिर भी वहां की सरकार, समाज और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। अगर इस घिनौने काम को करने वालों ने खुद वीडियो रिकॉर्ड करके जारी नहीं किया होता, तो हमें इसके बारे में पता भी नहीं चलता।