Bihar Politics: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को एक बड़ा झटका लगा है। जन सुराज पार्टी के वरिष्ठ नेता बिट्टू सिंह और केसी सिन्हा ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। केसी सिन्हा ने पिछले साल जन सुराज के टिकट पर कुम्हरार सीट से चुनाव लड़ा था।
भाजपा में शामिल हुए केसी सिन्हा का इस इलाके में काफी प्रभाव माना जाता है, क्योंकि वे पहले जन सुराज के आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर कुम्हरार सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले उनके और बिट्टू सिंह जैसे नेताओं के पार्टी छोड़ने से चुनावी मैदान में प्रशांत किशोर की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने वालों में गोपाल सिंह (मनेर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी), विनीता बिट्टू सिंह (पूर्व मेयर प्रत्याशी), डॉ. किशोर कुमार, ब्रज किशोर सिन्हा, ब्रह्मदेव मांझी, सुनील यादव, राजू यादव, रंजीत सिंह, राम बाबू यादव, शुभम सिंह, मंटू राय और साधु जी समेत कई अन्य नेता भी शामिल हैं।
केसी सिन्हा कुम्हरार से उम्मीदवार थे। जन सुराज ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के लिए कुम्हरार सीट से केसी सिन्हा को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन अब वे बीजेपी में शामिल हो गए हैं। केसी सिन्हा के अलावा, गोपाल सिंह, जो मनेर विधानसभा सीट से जन सुराज के उम्मीदवार थे वे भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। साथ ही, बिट्टू सिंह, जो दीघा विधानसभा सीट से जन सुराज के उम्मीदवार थे, वे भी पार्टी में शामिल हो गए हैं। बड़ी संख्या में जन सुराज के कार्यकर्ता भी उनके साथ आए और बीजेपी में शामिल हो गए।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही बिट्टू सिंह, जिन्होंने पहले दीघा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था उन्होंने एक पत्र जारी कर जन सुराज से अलग होने का फैसला बताया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।
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नेताओं के इस तरह पार्टी छोड़ने से उपचुनाव में जन सुराज को कितना नुकसान होगा, यह नतीजे आने के बाद ही साफ हो पाएगा। ये तीनों नेता पहले 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में हार चुके थे। अब वे ऐसे समय में बीजेपी के साथ जुड़ गए हैं जब प्रशांत किशोर खुद बांकीपुर से जन सुराज के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। फिलहाल, उनके पार्टी छोड़ने पर जन सुराज की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।