असदुद्दी ओवौसी, (प्रमुख, AIMIM) 
बिहार

Bihar Exit Poll: बिहार में कितना चला 'मियां भाई' का जादू, AIMIM हुई फेल...या फिर बिगाड़ा RJD का खेल?

AIMIM: बिहार विधानसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान आज संपन्न हो गया। नतीजों से पहले तमाम एग्जिट पोल सामने आए हैं। पोल्स के आंकड़ों से यही लग रहा है कि टक्कर सीधे एनडीए और महागठबंधन के बीच है।

मनोज आर्या

Bihar Assembly Elections 2025 Exit Polls: बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज शाम 6 बजे खत्म हो गया। अब इंतजार है नतीजों का, जो 14 नवंबर को आएंगे। मतदान के नतीजों से पहले तमाम एग्जिट पोल सामने आए हैं। पोल्स के आंकड़ों से यही लग रहा है कि टक्कर सीधे एनडीए और महागठबंधन के बीच है। Matrize-IANS के एग्जिट पोल के अनुसार, इस बार चुनाव में एनडीए को 147 से 167 सीटें, महागठबंधन को 70 से 90 सीटें, जबकि अन्यों को 2 से 6 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।

बिहार में इस बार किसकी सरकार?

Matrize-IANS के ओपिनियन पोल में बीजेपी को 65-73 सीटें, जेडीयू को 67-75 सीटें, एलजेपी (आर) को 7-0 से सीटें, हम को 4-5 सीटें और आरएलएम को 1-2 सीटें दी गई हैं। वहीं, महागठबंधन में आरजेडी को 53-58 सीटें, कांग्रेस को 10-12 सीटें, वीआईपी को 1-4 सीटें और लेफ्ट पार्टियों को 9-14 सीटें दी गई हैं।

AIMIM के प्रदर्शन का अनुमान

सर्वे एजेंसी मैट्रिज के अनुसार, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM को इस बार 2 से 3 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि पार्टी का अनुमानित वोट शेयर 1% बताया गया है।

AIMIM ने कितनी सीटों पर लड़ा चुनाव

हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM ने इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 25 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. इनमें से 15 सीटें सीमांचल क्षेत्र से हैं, जिसे पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है।

2020 चुनाव में AIMIM का प्रदर्शन

साल 2020 के चुनाव में AIMIM ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 5 सीटों पर जीत हासिल की थी। पार्टी को उस चुनाव में 1.3% वोट शेयर मिला था। हालांकि, हारने वाले AIMIM उम्मीदवार किसी भी सीट पर दूसरे स्थान पर नहीं आ सके थे, लेकिन चार सीटों पर तीसरे स्थान पर जरूर रहे थे।

बिहार में रिकॉर्ड वोटिंग से किसे फायदा?

बिहार ने इस बार पहले चरण में 64.66 प्रतिशत की रिकॉर्ड वोटिंग दर्ज की थी। वहीं, चुनाव आयोग के मुताबिक, मंगलवार को हुए दूसरे चरण के मतदान में 67.14 प्रतिशत वोट पड़े, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान है। इतना ऊंचा मतदान प्रतिशत इस बात का संकेत माना जा रहा है कि मतदाताओं ने इस बार किसी एक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत देने का मन बना लिया है। जैसा की एग्जिट पोल में देखने को मिल रहा है। एनडीए और महागठबंधन, दोनों को अपने-अपने समर्थकों के उत्साह और संगठनात्मक मजबूती पर पूरा भरोसा है। अब सभी की नजरें 14 नवंबर पर टिकी हैं, जब चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

कौन कितने सीट पर लड़ रहा चुनाव?

बिहार की राजनीति इस वक्त गरमाई हुई है। वर्तमान एनडीए गठबंधन में भाजपा के 80, जेडीयू के 45, हम (एस) के 4 और दो निर्दलीय विधायक शामिल हैं। इस बार एनडीए के भीतर भाजपा और जेडीयू ने 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। वहीं, चिराग पासवान की LJP (रामविलास) ने 29 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, हालांकि एक सीट पर उनकी उम्मीदवार सीमा सिंह की दावेदारी रद्द कर दी गई थी। इसके अलावा जीतन राम मांझी की हम (H.A.M) और उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा (RLM), दोनों ही 6-6 सीटों पर चुनाव मैदान में हैं।

दूसरी ओर, महागठबंधन ने इस बार 243 सीटों पर कुल 254 उम्मीदवार उतारे हैं। इसमें राजद (RJD) ने 143 उम्मीदवार, कांग्रेस ने 61, भाकपा (एम) ने 20, भाकपा ने 9, भाकपा (माले) ने 6, और मुकेश सहनी की वीआईपी पार्टी ने 15 प्रत्याशी उतारे हैं। हालांकि, बाद में मुकेश सहनी के भाई संतोष सहनी ने चुनाव मैदान से नाम वापस ले लिया।

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