बेगूसराय चुनावी समीकरण (सौ. एक्स) 
बिहार

बिहार विधानसभा चुनाव में बेगूसराय सीट पर बीजेपी को मिलेगी टक्कर? जानें राजनीतिक समीकरण

Bihar Assembly Election 2025: बिहार में विधानसभा चुनाव का ऐलान जल्द होने वाला है ऐसे में यहां की कुछ विधानसभा सीटों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है। जिसमें बेगूसराय सीट भी शामिल हैं। जिसका चुनावी समीकरण समझा जरूरी है।

प्रीति शर्मा
बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं, लेकिन इनमें से बेगूसराय विधानसभा सीट बहुत अहम स्थान रखती है। बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र के तहत कुल 7 विधानसभा सीटें आती हैं। जिसमें चेरिया बरियारपुर, बछवाड़ा, तेघड़ा, मटिहानी, साहेबपुर कमाल, बेगूसराय और बिखरी विधानसभा सीटें शामिल हैं। जल्द ही बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का ऐलान होने वाला है उसके लिए कुछ सीटों का सियासी समीकरण समझना जरूरी है।
बिहार की राजनीति में बेगूसराय एक खास महत्व रखती है। यह सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र नहीं बल्कि एक रणभूमि भी कही जा सकती है। जहां पर अक्सर राजनीतिक पार्टियों के बीच जंग देखने को मिलती है। यहां पर उम्मीदवारों के जनाधार भी होते हैं। बेगूसराय का सियासी समीकरण काफी महत्व रखता है। यहां पर हर चुनाव बहुत ही रोमांचक और दिलचस्प होता है।
बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र में अक्सर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलता है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार कुंदन कुमार को बड़ी जीत दर्ज हासिल हुई थी। हालांकि यह सीट कांग्रेस के लिए भी काफी मजबूत रही है। बेगूसराय की जनता ने हमेशा दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों को मौका दिया है।
बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र में कुल 3.5 लाख मतदाता हैं। इस सीट पर जातीय गणना का सीधा असर चुनावों के नतीजों पर पड़ता है। यहां भूमिहार, यादव और मुस्लिम बड़े जातीय समूह हैं। इसके अलावा ब्राह्मण और दलित मतदाता भी चुनावों में महत्वपूर्ण योगदान रखते हैं।
बेगूसराय औद्योगिक पृष्ठभूमि के लिए जाना जाता है लेकिन उद्योग के अलावा यहां विकास के मुद्दों का भी प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा जातीय समीकरण भी मायने रखता है। बेगूसराय के प्रमुख मुद्दों में औद्योगीकरण, शिक्षा संस्थानों की हालत, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा और प्रदूषण लोगों के लिए चिंता का विषय हैं। जिन पर काम करके जनता का दिल जीता जा सकता है।
बेगूसराय का चुनावी इतिहास देखा जाए तो यहां 2010 और 2005 के चुनावों में बीजेपी के उम्मीदवार की जीत हुई थी। वहीं, 2015 में कांग्रेस की अमिता भूषण ने जीत दर्ज की लेकिन 2020 में एक बार फिर बीजेपी ने बाजी पलटते हुए मुकाबला जीता। ऐसे में कहा जा सकता है कि बेगूसराय सीट पर जनता दोनों ही पार्टियों को मौका देती है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एक बार फिर सभी राजनीतिक पार्टियां और जनता की नजरें बेगूसराय क्षेत्र पर भी रहेगी। यहां पर एक बार फिर रोमांचक मुकाबला देखा जा सकता है। बीजेपी के कुंदन कुमार और कांग्रेस से अमिता भूषण आमने सामने हो सकते हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी इस क्षेत्र में जनता का दिल जीत पाती है।

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