गांधी मैदान व राजभवन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बिहार

जीते चाहे कोई...शपथ कहां होई? बिहार में Oath Ceremony पर असमंजस, जानिए क्या है वजह

Bihar Chunav: बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 14 नवंबर के बाद तेज़ हो जाएगी। इस बीच राजभवन के अंदर और बाहर इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण कहां होगा।

अभिषेक सिंह

Bihar Assembly Elections: बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया 14 नवंबर के बाद तेज़ हो जाएगी। इस बीच राजभवन के अंदर और बाहर इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण कहां होगा। जिस तरह 2025 के बिहार चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा, यह अनिश्चित है उसी तरह यह भी स्पष्ट नहीं है कि नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण राजभवन में होगा या गांधी मैदान में।

राजेंद्र मंडपम राज्यपाल भवन में निर्माण कार्य चल रहा है। इसलिए नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह वहां होने की संभावना कम है। बिहार चुनाव परिणामों के बाद, अक्सर नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह राजेंद्र मंडपम में होता है। लेकिन क्या इस बार नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में नहीं होगा?

राजेंद्र मंडपम में चल रहा काम

बिहार के राजभवन में 700 से 800 लोगों के बैठने की क्षमता है। हालांकि, राजेंद्र मंडपम में अभी नवीनीकरण का काम चल रहा है। इसे पूरा होने में कुछ समय लग सकता है। ऐसे में, नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए राजभवन का दरबार हॉल भी एक विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसमें 100-150 से ज़्यादा लोगों के बैठने की क्षमता नहीं है। इसलिए यहां शपथ ग्रहण समारोह के आयोजन की संभावना कम ही है। हालांकि, राजभवन के पिछले हिस्से में एक स्विस हैंगर लगाया जा रहा है। हालांकि, इसे लगाने में कुछ दिन लग सकते हैं। इसलिए नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए गांधी मैदान ही एकमात्र उपयुक्त विकल्प प्रतीत होता है।

शपथ ग्रहण को लेकर असमंजस

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे कल, 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। हालाकि एग्जिट पोल एनडीए को बहुमत मिलने के संकेत दे रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार अभी भी अनिश्चित है। इन सबके बीच, पटना में नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के स्थल को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण राजभवन में चल रहा निर्माण कार्य है।

बिहार में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आमतौर पर राजभवन स्थित 'राजेंद्र मंडपम' में होता है। इस स्थल की क्षमता लगभग 700 से 800 लोगों के बैठने की है और इसे शपथ ग्रहण समारोह के लिए सबसे उपयुक्त स्थल माना जा रहा है। हालांकि, राजेंद्र मंडपम में अभी नवीनीकरण का काम चल रहा है, जिसके पूरा होने में काफी समय लग सकता है। इसलिए राजेंद्र मंडपम में शपथ ग्रहण समारोह की संभावना कम ही दिखती है।

दरबार हॉल को लेकर दिक्कत!

राजभवन का दरबार हॉल भी एक विकल्प हो सकता है, लेकिन वहां 100 से 150 लोग भी नहीं बैठ पाएंगे। बिहार में सरकार गठन की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में विधायकों, नेताओं और वीआईपी मेहमानों के शामिल होने को देखते हुए इसे भी उपयुक्त स्थल नहीं माना जा रहा है।

गांधी मैदान रहेगा सही विकल्प!

राजभवन में तैयारियों की कमी और जगह की कमी के कारण, पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए एकमात्र उपयुक्त और भव्य विकल्प प्रतीत होता है। गांधी मैदान में लाखों लोगों की भीड़ को समायोजित करने की क्षमता है। हालाँकि, अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

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