Water Fuel Technology (Source. Gemini) 
ऑटोमोबाइल

क्या अब पानी से दौड़ेंगी कारें? पेट्रोल-डीजल की टेंशन खत्म करने वाली नई टेक्नोलॉजी ने मचाई हलचल

Water Fuel Technology: बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम आदमी की जेब पर भारी असर डाला है। जिसको देखने के बाद पूरी दुनिया सस्ते और वैकल्पिक ईंधन की तलाश में लगी हुई है।

सिमरन सिंह

Petrol Diesel Alternative Water Fuel Technology: देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम आदमी की जेब पर भारी असर डाला है। जिसको देखने के बाद पूरी दुनिया सस्ते और वैकल्पिक ईंधन की तलाश में लगी हुई है। ऐसे में एक नई तकनीक ने ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। जिसको लेकर दावा किया जा रहा है कि आने वाले समय में यह कारों में पानी का इस्तेमाल करके फ्यूल की खपत कम की जा सकेगी। लेकिन यह जान के ली सोशल मीडिया पर वायरल कार सिर्फ पानी से चलेगी वाली बातें पूरी तरह सही नहीं हैं। दरअसल यह तकनीक पेट्रोल या डीजल के साथ पानी का इस्तेमाल करके इंजन की एफिशिएंसी बढ़ाने पर आधारित बात है।

क्या है ये नई Fuel Emulsion Technology?

Fuel Emulsion Technology के बारे में बताए तो मोनाको की कंपनी FOWE Eco Solutions ने एक खास तकनीक को विकसित किया है जिसे Cavitech Fuel Emulsion Technology भी कहा जा रहा है। इस तकनीक में पेट्रोल या डीजल के साथ बेहद महीन स्तर पर पानी की बूंदों को मिलाया जाता है। जिसको लेकर कंपनी का दावा है कि इससे ईंधन ज्यादा बेहतर तरीके से जलता है और इंजन कम फ्यूल में ज्यादा ताकत पैदा करती है। जिसका सिधा मतलब है कि कार अब भी पेट्रोल या डीजल से ही चलेगी लेकिन पानी की मदद से उसकी खपत कम कर जा सकती है।

Controlled Cavitation Technology कैसे करती है काम?

Controlled Cavitation Technology (CCT) पर आधारित इस तकनीक के बारे में बताए तो इसमें पानी की बेहद छोटी बूंदें इंजन के अंदर जाकर माइक्रो-एक्सप्लोजन पैदा करती हैं। जिससे छोटे विस्फोटों होते है और उनकी वजह से पेट्रोल और डीजल ज्यादा अच्छे तरीके से टूटता और जलता है। कंपनी बताती है कि इससे फ्यूल की खपत करीब 10% तक कम होती है और प्रदूषण में भी कमी आती है। वहीं ऑटो जगत के एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर सफल हो तो भविष्य में यह पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करने में काफी मदद मिल सकती है।

क्या मौजूदा कारों में भी लगेगी ये टेक्नोलॉजी?

इस तकनीक को लेकर सबसे खास यह बताया जा रहा है कि इस तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए इंजन में बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं है। जिसका सीधा मतलब है कि यह मौजूदा पेट्रोल और डीजल इंजनों में भी काम करेंगी। जिस कारण से इसे भविष्य के लिए एक किफायती और आसान समाधान बताया जा रहा है। लेकिन अभी यह तकनीक शुरुआती चरण में है और बड़े पैमाने पर इसके इस्तेमाल में काफी समय लगेगा।

क्या सच में सिर्फ पानी से चल सकती है कार?

पानी से कार चलने की बात को लेकर एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं कि कार सिर्फ पानी से चलेगी जैसी बातें अभी हकीकत के रूप में नहीं देखी जा सकती क्योंकि पानी खुद कोई ईंधन नहीं है और उससे एनर्जी निकालने के लिए अलग तकनीकी प्रक्रिया की जरूरत होती है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो इसे हाइड्रोजन फ्यूल टेक्नोलॉजी से भी जोड़ रहे हैं लेकिन फिलहाल ऐसी कोई आम कार बाजार में नहीं है जो पानी से चले।

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