Suzuki Gujarat Plant: उत्तर गुजरात ने बीते कुछ वर्षों में भारत के प्रमुख ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय Suzuki Motor Gujarat को जाता है। मेहसाणा स्थित इस कंपनी की फैक्ट्री हर साल करीब 7.5 लाख कारों का उत्पादन करने की क्षमता रखती है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह प्लांट घरेलू बाजार के साथ-साथ एक्सपोर्ट मार्केट में भी अहम योगदान दे रहा है।
सुजुकी ने अब गुजरात में अपनी चौथी प्रोडक्शन लाइन लगाने की घोषणा की है। इसके लिए कंपनी करीब 3,200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस नई लाइन का मुख्य फोकस इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) के उत्पादन पर होगा। यह निवेश उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत कंपनी पहले ही 7,300 करोड़ की बैटरी प्लांट और 3,100 करोड़ की ईवी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाने का ऐलान कर चुकी है।
गुजरात ने 2012 से 2015 के बीच कई ग्लोबल ऑटोमोबाइल कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित किया था। लेकिन असली बदलाव 2014 में आया, जब सुजुकी ने राज्य सरकार के साथ मेगा प्लांट स्थापित करने का करार किया। इसके बाद से कंपनी लगातार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। इसने न केवल हजारों युवाओं को रोजगार दिया, बल्कि ऑटो कंपोनेंट इकोसिस्टम को भी मजबूत बनाया।
आज सुजुकी मोटर का गुजरात प्लांट भारत के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल प्रोडक्शन केंद्रों में गिना जाता है। राज्य की मजबूत पोर्ट कनेक्टिविटी की वजह से गुजरात अब एक बड़ा एक्सपोर्ट हब भी बन चुका है। केवल 2024 में ही यहां से लगभग ₹3,459 करोड़ के वाहन दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, जापान, यूएई और चिली जैसे देशों में निर्यात किए गए।
राज्य सरकार अब इन उपलब्धियों को आने वाले Vibrant Gujarat Regional Conferences (VGRC) में प्रदर्शित करने की तैयारी में है। इस मंच पर गुजरात, ऑटोमोबाइल और उससे जुड़े सेक्टरों में वैश्विक निवेशकों को नए अवसर दिखाएगा।
स्पष्ट है कि सुजुकी का यह बढ़ता निवेश और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर फोकस न केवल गुजरात की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा बल्कि पूरे भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक नए युग की शुरुआत भी करेगा।