Maruti Car Sales September 2026: त्योहारी सीजन से पहले Maruti Suzuki के सामने कारों की बढ़ती मांग को समय पर पूरा करने की चुनौती है। इसको लेकर कंपनी ने बताया है कि 1 अक्टूबर 2026 तक 2 लाख से ज्यादा कारों की बुकिंग पेंडिंग थी। इसका सीधा मतलब है कि ग्राहकों ने कार बुक कर ली है लेकिन उन्हें अभी डिलीवरी का इंतजार है। वहीं बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने प्रोडक्शन बढ़ाने पर जोर दिया है।
मारुति सुजुकी के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पार्थो बनर्जी ने मंथली सेल्स मीडिया ब्रीफिंग में पेंडिंग ऑर्डर की जानकारी दी। जिसमें 1 अक्टूबर तक कंपनी के पास 2 लाख से ज्यादा बुकिंग थीं। वहीं डीलर नेटवर्क के पास करीब 17 दिनों का स्टॉक मौजूद था। इसका मतलब है कि फेस्टिव सीजन में अगर नई बुकिंग और बढ़ती है तो कंपनी के लिए प्रोडक्शन के साथ-साथ डीलर स्तर पर कारों की उपलब्धता बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा। वहीं कंपनी ने कहा है कि केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं बल्कि कारों की क्वालिटी और उपलब्धता दोनों पर ध्यान देना जरूरी है।
जानकारी में सामने आ रहा है कि मारुति ने हरियाणा के खरखौदा में शुरू हुए नए प्लांट की नई प्रोडक्शन लाइन से भी आउटपुट बढ़ाना शुरू किया है। वहीं अभी के लिए इस लाइन पर Brezza का उत्पादन किया जा रहा है। इसको लेकर कंपनी बताती है कि बढ़ता उत्पादन आने वाले समय में सप्लाई चेन को बेहतर करने में मदद करेगा। वहीं Brezza की डिमांड खास तौर पर मजबूत बताई गई है। इसकी पेंडिंग बुकिंग 95,000 यूनिट से ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में सितंबर में इसकी 15,000 से ज्यादा यूनिट बिकीं। कंपनी इसी बढ़ती मांग को देखते हुए खरखौदा प्लांट में इसका उत्पादन बढ़ा रही है।
Brezza की बुकिंग में अलग-अलग पावरट्रेन की हिस्सेदारी भी सामने आई है। जिसको लेकर कंपनी का कहना है कि करीब 38% बुकिंग Turbo वेरिएंट, 40% अंडरबॉडी CNG वर्जन और 22% 1.5-लीटर पेट्रोल वेरिएंट की रही। इस बीच अपडेटेड Baleno ने लॉन्च के पहले महीने में 25,000 यूनिट की बिक्री दर्ज की। यानी मांग सिर्फ SUV तक सीमित नहीं है।
सितंबर 2026 में मारुति सुजुकी ने दूसरे वाहन निर्माताओं के जरिए हुई बिक्री समेत कुल 1,91,794 यूनिट बेचीं थे जो सितंबर 2025 की तुलना में करीब 30% ज्यादा है। कंपनी का एक्सपोर्ट भी मजबूत रहा और सितंबर में 44,219 गाड़ियां विदेश भेजी गईं। वहीं अब फेस्टिव सीजन में कंपनी के लिए असली फोकस इन पेंडिंग बुकिंग को समय पर डिलीवरी में बदलना रहेगा। इसके लिए उत्पादन क्षमता और सप्लाई को लगातार बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।